संपादक नयन टवली की कलम से ✍️

जोबट – विद्या भारती के मार्गदर्शन में सरस्वती शिशु विद्या मंदिर जोबट में आयोजित “सप्तशक्ति संगम” मातृशक्ति के सम्मान , भारतीय संस्कारों और नारी के दिव्य स्वरूप को समर्पित अद्वितीय आयोजन बनकर उभरा , मंच पर अध्यक्षता साक्षी भयड़िया , मुख्य वक्ता शालिनी दुबे, सह वक्ता दीपिका पवार विशेष अतिथि शांति रमेश परमार , संयोजिका अनुसुइया आसोरिया मंचासिन रहे , मां सरस्वती प्रणव अक्षर ॐ भारत माता पूजन से प्रारंभ यह कार्यक्रम श्रद्धा, शक्ति और सांस्कृतिक गरिमा के अद्भुत संगम में परिवर्तित हो गया। विद्यालय परिसर मातृत्व की ऊर्जा, परंपरा के प्रति आस्था और राष्ट्रभक्ति की सुगंध से सुवासित दिखा , इस आयोजन में 300 से अधिक मातृशक्ति की उपस्थिति ने वातावरण को और भी उत्साहपूर्ण व गरिमामयी बना दिया ।

मुख्य वक्ता श्रीमती शालिनी दुबे ने नारी के सात अंतर्निहित दिव्य गुणों—कीर्ति, श्री, वाक्, मेधा, स्मृति, धृति और क्षमा—का गहन विवेचन करते हुए बताया कि नारी स्वयं में सृजन , संरक्षण और परिवर्तन का पूर्ण स्वरूप है , उन्होंने कहा— “नारी नदी की तरह है… जीवन के हर मोड़ पर रास्ता बनाकर आगे बढ़ने की सामर्थ्य उसी में निहित है , उन्होंने रामचरितमानस को भारतीय कुटुंब व्यवस्था का आदर्श मार्गदर्शक बताते हुए आश्रम व्यवस्था , जीवन के पाँच परिवर्तन तथा भाषा, भोजन, भूषा , भजन और भ्रमण जैसे कुटुंब प्रबोधन के आयामों को प्रेरक प्रसंगों के माध्यम से समझाया , उनका संबोधन मातृशक्ति को आत्मगौरव और सांस्कृतिक चेतना से भरने वाला रहा , सह वक्ता श्रीमती दीपिका पवार ने पर्यावरण संवर्धन में माताओं की ऐतिहासिक भूमिका का उल्लेख किया , वहीं अध्यक्षता सुश्री साक्षी भयड़िया ने नारी को समाज का संस्कार-स्तंभ बताते हुए सप्तशक्ति संगम जैसे आयोजनों को परिवार एवं समाज की उन्नति के लिए महत्वपूर्ण बताया , कार्यक्रम में नारी शक्तियों की अद्वितीय प्रदर्शनी, सहित भव्य भारत दर्शन झांकी, बालिकाओं द्वारा मातृशक्ति को समर्पित गीतों पर नृत्य और वीरांगनाओं पर आधारित सशक्त प्रस्तुतियाँ विशेष आकर्षण रहीं , विशेष माताओं का सम्मान तथा कुटुंब प्रबोधन की दृष्टि से चुनिंदा माताओं का विशेष अभिनंदन कार्यक्रम का अत्यंत भावपूर्ण क्षण रहा , कार्यक्रम का संयोजन श्रीमती अनुसुइया आसोरिया ने किया , प्रबंध समिति के व्यवस्थापक राजेंद्र कोदे, प्रधानाचार्य विनोद माली की गरिमामयी उपस्थिति रही , कार्यक्रम के अंत में संकल्प तृप्ति सोनी ने कराया । संचालन दीपिका राठौर ने किया एवं श्वेता राठौर ने माना ।





