संपादक नयन टवली की कलम से ✍️

आलीराजपुर – लगातार समाजिक कार्य कर जिले मे जन जागरण का सतत निरंतर कार्य कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता कादूसिंह डूडवे आज आमकुट के हाई सेकंडरी स्कुल पहुँचे जहाँ उन्होने करीब 200 से अधिक छात्र छात्राओं को सिकलसेल , रक्तदान एवं करीब 100 प्रकार की देशी भाजी के बारे मे जागरूक किया , समाजिक कार्यकर्ता डूडवे ने कहा कि सिकलसेल एनीमिया एवं रक्तदान के बारे जानकारी दी,वही उन्होंने कहा बल्ड चढ़वाना स्थाई इलाज नहीं है , हमें खान पान में सुधार करना होगा , जो सिकलसेल वाहक हे , उन्हें बल्ड की जरूरत कम होती हैं , ओर सिकलसेल डिसीस होते है , उनको बल्ड ब्लड ट्रांसफ्यूजन की जरूरत होती है,ऐसे में आलीराजपुर सरकारी अकड़े के अनुसार करीब 11 हजार वाहक हे ओर जो रोगी ( डिसीस )हे,वो करीब जिले 1500 सो से अधिक हे, जिनको गंभीर समस्या है और जरूरत पड़ने पर ब्लड ही चढ़ाया जाता है,इसमें गर्भवती माता और छोटे बच्चे और कुछ बुजुर्ग भी है । डॉ सचिन पाटीदार सर कहा है, कि जो सिकलसेल रोगी (डीसीस) है , उनको पानी ज्यादा पीना चाहिए और भोजन भी अच्छा करना चाहिए जिसमें विशेष कर हरी सब्जियां , भाजी , चना , गुड़,ज्यादा खाना चाहिए,वही आलीराजपुर जिले में थैलेसीमिया भी करीब पांच बच्चे हैं जिनको हर महीना रक्त की जरूरत होती है,समाज में सामाजिक कार्यकर्ताओं से भी अपील करता हूं कि अपने स्तर पर सिकलसेल एनीमिया को अच्छे से समझे और जागरूकता में सहयोग करें , ओर जो सिकल सेल रोगी है उनका हर एक दो माह में रक्त की जांच करना चाहिए जिससे पता चल पाए की कहीं खून तो नहीं कम हो रहा है , बाकी युवाओं ओर समाजजन अपील भी की रक्तदान कराने में सहयोग करें युवाओं को प्रेरित करें ।

कादू सिंह डूडवे अभी तक जिले मे 15 हाई स्कूल हायर सेकेंडरी पहुंचकर सिकलसेल एनीमिया और रक्तदान और देसी भाजी के बारे में जानकारी दे चुके है , सामाजिक कार्यकर्ता कादु सिंह डुडवे पिछले करीब 10 साल से समाज के बीच रक्तदान के क्षेत्र मे काम कर रहे हैं ।





