संपादक नयन टवली की कलम से ✍️

झाबुआ – जिला पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के खिलाफ भाजपा के सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव पेस किया था , जिसकी वोटिंग कल 15 तारीख को होना है , कांग्रेस की अंदर की कलह के कारण कल भाजपा इतिहास चरने मे कामयाब हो जाएगी , कांग्रेस के जिला पंचायत अध्यक्ष सोनल जसवंत सिंह भाभर एवं उपाध्यक्ष अकमल मालू डामोर के खिलाफ जिला पंचायत सदस्य मिल कर अविश्वास प्रस्ताव लाएं है जिसमे कांग्रेस के लिए यह दोनों कुर्सी पर खतरा मंडरा रहा था , इस खरते से बचाने के लिए कांग्रेस ने ऐड़ी चोटी का जोर लगाया पूर्व ग्रह मंत्री कांग्रेस के बड़े नेता बाला बच्चन झाबुआ मे प्रिवेक्षक बनाकर भेजा पर बाला बच्चन भी इस खरते से कांग्रेस को नहीं बचा पाए , सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस की जिला पंचायत सदस्य शांति राजेश डामोर , राजेश डामोर , गेंदालाल डामोर इस खेल मे शामिल है और पार्टी के साथ उनकी नाराजगी अब खुल कर सामने आई है , प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इन तीनो नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है एवं 7 दिवस के अंदर जवाब माँगा है पर कल ही कांग्रेस की जिला पंचायत भंग हो जाएगी क्योंकि अंदर की खबर यह भी है की मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से कांग्रेस की जिला पंचायत सदस्य शांति डामोर एवं उनके पति राजेश डामोर एवं जिला पंचायत सदस्य काली बाई से मुलाक़ात हो चुकी है एवं अब सब कुछ तय हो चूका है , आपको बता देकी कांग्रेस का गढ़ माने जाने वाली जिला पंचायत अब भाजपा के हाथ होंगी ।
समझिए गणित
वर्तमान मे भाजपा के पास 8 सदस्य है क्योंकि सांसद चुनाव मे 2 सदस्यों ने भाजपा का दामन थामा था , भाजपा ने कांग्रेस के अंदर खेला करते हुए कांग्रेस के 2 सदस्यों को और अपनी तरफ किया जिसमे काली बाई एवं शांति डामोर मौजूद है , अब भाजपा के पास कुल 10 सदस्य हो गए अब अविश्वास प्रस्ताव की शर्त यह है की कुल 14 मेसे भाजपा को 11 सदस्य चाहिए…. अब यह हो सकता है की कांग्रेस के बचे 4 सदस्यों मे से कोई एक कल न आए या फिर भाजपा को वोट करदे अब यह देखने का विषय है की कौन है जो कांग्रेस को जिला पंचायत से छुट्टी करवाएगा ।





