संपादक नयन टवली की कलम से ✍️

आलीराजपुर – आगामी 19 मार्च से प्रारंभ होने वाले जल गंगा संवर्धन अभियान 2026 के सफल क्रियान्वयन को लेकर कलेक्टोरेट सभाकक्ष में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई । बैठक मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दिए गए निर्देशों के परिपालन में तथा जिले की प्रभारी मंत्री संपतिया उइके के निर्देशन में आयोजित की गई । बैठक में अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान , जिला पंचायत अध्यक्ष हजरी बाई खरत, जोबट विधायक सेना पटेल, कलेक्टर नीतू माथुर, जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी संघमित्रा गौतम सहित सभी जनपद पंचायतों के सीईओ एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे , बैठक में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा तैयार की गई कार्ययोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई तथा गत वर्ष किए गए कार्यों का भी मूल्यांकन किया गया । बैठक में अधिकारियों द्वारा बताया गया कि अभियान के तहत जिले में जल संरक्षण और जल संरचनाओं के निर्माण एवं संवर्धन के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए जाएंगे । पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत तालाब निर्माण , खेत तालाब, डगवेल रिचार्ज स्ट्रक्चर , बोरी बंधान , चेक डेम , रिचार्ज पिट सहित विभिन्न जल संरचनाओं का निर्माण एवं संवर्धन किया जाएगा । वहीं जल संसाधन विभाग द्वारा स्टॉप डेम, बैराज और नहरों के सुदृढ़ीकरण का कार्य किया जाएगा । नगरीय प्रशासन विभाग शहर की नदियों की सफाई , फिल्टर प्लांट, रेन वाटर हार्वेस्टिंग तथा तालाबों की साफ-सफाई करेगा । इसके अलावा वन विभाग द्वारा बोल्डर चेक डेम और जल संचयन संरचनाएं बनाई जाएंगी । वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग आंगनवाड़ियों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करेगा । बैठक में कृषि विभाग द्वारा उर्वरक की ई-विकास प्रणाली के संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी गई , इस अवसर पर अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान ने कहा कि जल संरक्षण वर्तमान समय में आवश्यक है । जल गंगा संवर्धन अभियान के माध्यम से जिले में अधिक से अधिक जल संरचनाओं का निर्माण किया जाए और पुराने जल स्रोतों का पुनर्जीवन किया जाए, ताकि किसानों को खेती में इसका लाभ हो । उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए अभियान को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए । उन्होंने कहा कि अभियान केवल औपचारिकता बनकर न रह जाए , बल्कि मैदानी स्तर पर ठोस कार्य दिखाई दें। इसके लिए सभी कार्यों की समय सीमा तय की जाए और पूर्ण होने के बाद उनका भौतिक सत्यापन भी किया जाए , बैठक में मंत्री चौहान ने वन विभाग को तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य को बढ़ावा देने के निर्देश दिए तथा जंगलों में आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए फॉरेस्ट गार्ड की तैनाती और जनजागरूकता अभियान संचालित करने के निर्देश दिए । साथ ही उन्होंने राजस्व और वन विभाग की संयुक्त टीम को लोगों को नरवाई जलाने से रोकने और जंगलों को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने किसानों को ई-विकास प्रणाली के उपयोग के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए। इस हेतु सहकारिता और कृषि विभाग आपसी समन्वय से किसानों को इस प्रणाली से जोड़ने का कार्य करें , बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष हजरी बाई खरत और जोबट विधायक श्रीमती सेना पटेल ने भी अपने सुझाव देते हुए कहा कि जिले में विकास कार्य समय सीमा में पूर्ण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान जिले में भूमिगत जल स्तर बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण होगा और इसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो , कलेक्टर नीतू माथुर ने सभी विभाग अधिकारियों को जल गंगा संवर्धन अभियान को गंभीरता से लेकर इसका प्रभावी क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए साथ ही कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय से मैदानी स्तर पर कार्य करे ।





