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झाबुआ – कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी नेहा मीना का अपराधियों पर ऐक्शन , दो अपराधियों को छह माह के लिए किया जिला बदर ।

संपादक नयन टवली की कलम से ✍️

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झाबुआ – कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी नेहा मीना द्वारा मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5 (क, ख) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिले में लोक-शांति एवं सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने की दृष्टि से दो आदतन अपराधियों को छह माह की अवधि के लिए जिला बदर किए जाने के आदेश जारी किए गए हैं , जारी आदेशानुसार अनावेदक शाहनवाज उर्फ सन्नाटा पिता मोईनुद्दीन कुरेशी , उम्र 25 वर्ष , निवासी कैलाश मार्ग झाबुआ तथा नरवल पिता जुवानसिंह मेडा, उम्र 21 वर्ष, निवासी वागनेरा को आदेश प्राप्ति के 24 घंटे के भीतर झाबुआ जिले की राजस्व सीमा सहित समीपवर्ती जिले धार, रतलाम, आलीराजपुर एवं बड़वानी की राजस्व सीमाओं से बाहर जाना होगा। यह आदेश छह माह की अवधि तक प्रभावशील रहेगा। इस अवधि में सक्षम न्यायालय की पूर्व लिखित अनुमति के बिना संबंधित क्षेत्रों में प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा , पुलिस अधीक्षक, जिला झाबुआ द्वारा अनावेदक शाहनवाज उर्फ सन्नाटा पिता मोईनुद्दीन कुरेशी , उम्र 25 व र्ष, निवासी कैलाश मार्ग झाबुआ थाना झाबुआ के विरूद्ध मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 5 (क. ख) अंतर्गत प्रतिवेदन प्रस्तुत कर अवगत कराया गया है कि , अनावेदक आपराधिक प्रवृत्ति का होकर इसके विरूद्ध लडाई-झगडा , आर्म्स एक्ट , एनडीपीएस एक्ट , नकबजनी चोरी के कुल 13 अपराध पंजीबद्ध होकर अनावेदक विगत वर्ष 2016 से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय है। इसके आपराधिक कृत्य विधिमान्य व्यवस्था को प्रभावित करने वाले है। इसकी आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने हेतु प्रतिबंधात्मक कार्यवाही भी की गई । किन्तु इसके आचरण में कोई सुधार परिलक्षित नहीं हुआ हैं , अपितु इसकी आपराधिक गतिविधियों में और अधिक वृद्धि हुई है। आमजन अनावेदक के विरूद्ध रिपोर्ट लिखाने एवं साक्ष्य देने से डरते है। इससे आमजन भयभीत है जिसके कारण शांति एवं सुरक्षा का आसन्न संकट उत्पन्न हो गया है । अतः कस्बा झाबुआ एवं आसपास के क्षेत्र के समाजजनों की परिशांति तथा अनावेदक के दुष्कृत्यों को देखते हुए इसका जिला झाबुआ एवं सीमावर्ती जिले रतलाम , आलीराजपुर , धार की राजस्व सीमाओं से जिला बदर किया जाना आवश्यक हो गया है। ताकि आम जनता एवं क्षेत्र मे लोक-शांति बनी रहे , अनावेदक नरवल पिता जुवानसिंह मेडा, उम्र 21 वर्ष , निवासी वागनेरा थाना कालीदेवी के विरूद्ध मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 5 (क.ख) अंतर्गत प्रतिवेदन प्रस्तुत कर अवगत कराया गया है कि , अनावेदक वर्ष 2015 से थाना कालीदेवी एवं झाबुआ क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय है । इसके आपराधिक कृत्य लोक शांति को प्रभावित करने वाले है । इसकी आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण हेतु प्रभावी प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की गई एवं निगरानी में भी लाया गया, किन्तु इसके उपरांत भी इसके आचरण में कोई सुधार परिलक्षित नहीं हुआ है । अपितु इसकी आपराधिक गतिविधियों में और अधिक वृद्धि हुई है । साथ ही इसके कृत्यों से आम आदमी को अपने व्यापार – व्यवसाय , दैनिक क्रिया कलापों तथा सामान्य जीवन यापन में समस्या उत्पन्न हो गई है । आम जन अनावेदक तथा इसके रक्त संबंधियों की दबंगई , पूर्व के आपराधिक रिकार्ड के कारण भयवश इनके विरुद्ध थाने पर रिपोर्ट लिखाने व न्यायालय में साक्ष्य देने से कतराते है । अनावेदक तथा इसका परिवार संगमत होकर लगातार क्षेत्र की लोक प्रशांति को भंग कर कानून व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न करने में लगे है । अनावेदक अपने सगे भाई रमजु पिता जुवानसिंह मेडा जिसके विरूद्ध कुल 30 अपराध , परसु पिता जुवानसिंह मेडा जिसके विरूद्ध कुल 15 अपराध , परवल पिता जुवानसिंह मेडा जिसके विरूद्ध कुल 14 अपराध, तब्बत पिता जुवानसिंह मेडा जिसके विरूद्ध कुल 03 अपराध , माँ धापुबाई पति जुवानसिंह मेडा जिसके विरूद्ध 06 अपराध, भाभी आशा पति रमजु मेडा के विरूद्ध 03 अपराध पंजी है । जिनमें मुख्यतः डोडा चूरा की तस्करी , अवैध शराब की तस्करी , हत्या का प्रयास, मारपीट, चोरी, नकली नोट खपाने (चलाने), शासकीय एवं वन भूमि पर थाना कालीदेवी क्षेत्र के ग्राम वागनेरा , हत्यादेली, छापरी, रूपारेल, कस्बा कालीदेवी के जनसामान्य पर विपरीत प्रभाव पड रहा है । अनावेदक गंभीरअपराध लगातार घटित कर रहा हैं, जिससे समाज में आमजनों की शांति व सुरक्षा का आसन्न संकट उत्पन्न हो गया है , तथा कानून व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो जाती है । अतः थाना कालीदेवी एवं झाबुआ क्षेत्र के समाजजनों की परिशांति तथा अनावेदक के दुष्कृत्यों को देखते हुए इसका जिला झाबुआ एवं सीमावर्ती जिले रतलाम, आलीराजपुर, धार की राजस्य सीमाओ से जिला बदर किया जाना आवश्यक हो गया है , कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि लोक-शांति एवं सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने वाले तत्वों के विरुद्ध प्रशासन द्वारा सख्त कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी ।

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