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झाबुआ – कलेक्टर नेहा मीना का मदरानी स्वास्थ केंद्र घटना पर सख्त ऐक्शन , मेडिकल ऑफिसर सहित कई अन्य जवाबदारों पर गिरी गाज ।

संपादक नयन टवली की कलम से ✍️

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झाबुआ – ग्राम मदरानी तहसील मेघनगर में बुधवार रात्रि को एक प्रसूता को प्रसव पीड़ा होने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मदरानी लाया गया , किन्तु केन्द्र पर ताला लगे होने एवं स्वास्थ्य स्टॉफ की अनुपस्थिति के कारण महिला ने सड़क पर ही शिशु को जन्म दिया , उक्त घटना को कलेक्टर नेहा मीना द्वारा गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए गए , कलेक्टर नेहा मीना के निर्देशानुसार घटना की जांच हेतु एक जांच दल का गठन किया गया , जिसकी अध्यक्षता डिप्टी कलेक्टर झाबुआ सुश्री अवनधती प्रधान द्वारा की गई , जांच दल में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी झाबुआ श्री भारतसिंह बघेल , डी.पी.एम. एन.एच.एम. झाबुआ राजाराम खन्ना तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग झाबुआ श्री रघुसिंह बघेल को सदस्य के रूप में शामिल किया गया , गठित जांच दल द्वारा मौके पर जाकर संबंधित तथ्यों की जांच की गई , स्वास्थ्य केन्द्र की स्थिति, स्टॉफ की उपस्थिति तथा प्रसूता को हुई असुविधा के संबंध में विस्तृत परीक्षण किया गया , जांच उपरांत दल द्वारा घटना का विस्तृत जांच प्रतिवेदन तैयार कर कलेक्टर कार्यालय में प्रस्तुत कर दिया गया है , इस प्रकरण के संबंध में गठित जांच समिति द्वारा तथ्यों की विस्तृत जांच उपरांत यह पाया गया कि संबंधित महिला का पंजीयन एवं चिकित्सीय जांच आशा कार्यकर्ता द्वारा दिनांक 20 दिसम्बर 2025 को कराई गई , जो कि प्रसव की संभावित तिथि से मात्र 4 दिवस पूर्व था , जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि आशा कार्यकर्ता द्वारा प्रसुता को प्रसव पूर्व आवश्यक समझाइश , मार्गदर्शन एवं सहयोग समुचित रूप से प्रदान नहीं किया गया , ड्यूटी रोस्टर अनुसार ड्यूटी चिकित्सक डॉ. प्रीतम बघेल को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के ड्यूटी रूम में उपस्थित रहना अनिवार्य था, परंतु वे ड्यूटी स्थल पर उपस्थित नहीं पाए गए , जांच में यह तथ्य सामने आया कि वे अस्पताल परिसर में स्थित अपने आवास पर मौजूद थे , जांच के दौरान यह भी पाया गया कि ड्यूटी रोस्टर अनुसार नर्स श्रीमती वेजंती गणावा अवकाश पर थीं , जिसकी वैकल्पिक व्यवस्था संबंधित मेडिकल ऑफिसर द्वारा नहीं की गई तथा इस संबंध में बीएमओ को भी सूचित नहीं किया गया , इसके अतिरिक्त यह तथ्य भी प्रकाश में आया कि चौकीदार द्वारा ड्यूटी पर रहते हुए प्रसूति डिलेवरी अथवा किसी भी प्रकार की मेडिकल इमरजेंसी की सूचना समय पर ड्यूटी डॉक्टर को नहीं दी गई ।

जांच समिति के अभिमत के आधार पर की गई कार्यवाही :-  जांच रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर कलेक्टर नेहा मीना द्वारा संबंधित मेडिकल ऑफिसर के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए गए हैं , साथ ही संबंधित आशा कार्यकर्ता को सेवा समाप्ति (Termination) का नोटिस जारी करने एवं चौकीदार को तत्काल प्रभाव से सेवा से हटाए जाने की कार्यवाही किए जाने के आदेश दिए गए हैं ।

कलेक्टर द्वारा जारी निर्देश :- कलेक्टर द्वारा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना किसी भी अधिकारी अथवा कर्मचारी का अवकाश स्वीकृत न किया जाए तथा बिना अनुमति मुख्यालय न छोड़ा जाए , इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि समस्त चिकित्सक एवं नर्सिंग स्टाफ अपनी उपस्थिति सार्थक ऐप के माध्यम से नियमित रूप से दर्ज करें तथा स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही भविष्य में न हो ।

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