संपादक नयन टवली की कलम से ✍️

आलीराजपुर – आदिवासी समाज के युवाओं द्वारा लगातार स्कुलो एवं आंगनवाड़ीयों की बदहाल स्थिति समाने लाई जा रही है , कही झोपडी मे तो कही जर्जर स्थिति मे देश का भविष्य अपनी शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर है , कलेक्टर नीतू माथुर ने लगातार स्थिति सुधारने की कोशिस भी की पर जमीन स्तर पर एवं विभागीय उदासीनता के चलते अभी भी कई जगह स्थिति मन विचलित करने जैसी है , ज़ब इन सभी स्कूलों एवं आंगनवाड़ीयों की वास्तविक स्थिति कलेक्टर नीतू माथुर के समाने वीडियो एवं फोटो के माध्यम से रखी गईं तो , कलेक्टर माथुर ने सीधे निगरानी रखने हेतु डिजिटल व्यवस्था लागु कर ब्लॉक स्तर पर समिति का गठन कर बड़ा फैसला ले लिया ।
क्या है डिजिटल व्यवस्था?
विशेष डिजिटल माध्यम से जमीनी हकीकत की जानकारी एकत्रित करना ताकि व्यवस्था मे सुधार लाया जा सके एवं अच्छी व्यवस्था प्रदान की जा सके , जिसमे भवन , भोजन एवं रहने की सुविधा सहित शिक्षा व्यवस्था शामिल है ।
कलेक्टर द्वारा गठित समिति निरिक्षण के दौरान फोटो अपलोड करेगी एवं रिपोर्ट बनाकर सीधे कलेक्टर को सोपेगी ।
कलेक्टर ने साफ तोर पर कहा है की समिति लगातार निरिक्षण करेगी एवं समिति की हर सप्ताह बैठक होंगी ।
कलेक्टर ने साफ तोर पर अब बड़ा निर्णय लेते हुए कहा है की अब लापरवाही पर नोटिस नहीं सीधे निलंबित करेंगे , यदि समूहों की लापरवाही आई तो सीधे हटाएंगे ।
कलेक्टर नीतू माथुर :- ज़ब हमने इस मामले मे कलेक्टर से बात की तो उन्होने हमसे बात करते हुए बताया की शिक्षा ही कामियाबी की जननी है , अब लापरवाही बर्दाश नहीं करेंगे , समिति का गठन किया है , अब सीधे लापरवाही पर जवादारी तय करेंगे ।





