संपादक नयन टवली की कलम से ✍️

अलीराजपुर – जनजातीय बहुल जिले का उदयगढ़ खंड शिक्षा विभाग लगातार सुर्खियों में है , 4 अगस्त को यहां वर्तमान के खंड शिक्षा अधिकारी सहित पूर्व में पदस्थ रहे दो अधिकारी को इंदौर कमिश्नर ने वित्तीय अनियमितता के मामले में निलंबित किया है , अब एक नया मामला सामने आने के बाद इसी विकासखंड में ग्राम बोरी की कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य पर निलंबन की गाज गिरी है ,बोरी ग्राम स्थित कन्या उमावि के प्राचार्य सरदारसिंह चौहान पर गंभीर आरोप लगे है , वे स्कूल के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से संस्थागत कार्यों के अलावा अपने निजी खेत में कृषि और कीटनाशक छिड़काव जैसे काम करवाते थे , कर्मचारियों की शिकायत पर 5 जुलाई 2025 को खंड शिक्षा अधिकारी ने जांच की, जिसमें आरोप सही पाए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर डॉ. अभय अरविंद बेडेकर ने प्राचार्य को मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम 1966 के नियम 9 के तहत निलंबित करते हुए उनका मुख्यालय खंड शिक्षा कार्यालय कट्ठीवाड़ा नियत किया। निलंबन अवधि में उन्हें केवल जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा , दिलचस्प बात यह है कि जांच करने वाले खंड शिक्षा अधिकारी 4 अगस्त को वित्तीय अनियमितताओं के कारण इंदौर कमिश्नर द्वारा निलंबित किए जा चुके हैं, जो मामले में चर्चित है ।
मुख्य बिंदु :-
1 . प्राचार्य ने स्कूल कर्मचारियों से निजी खेत में कृषि कार्य करवाए ।
2 . 5 जुलाई को शिकायत मिली, जांच में आरोप सही पाए गए ।
3 . कलेक्टर ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम के तहत प्राचार्य को निलंबित किया ।
4 . प्राचार्य का मुख्यालय खंड शिक्षा कार्यालय कट्ठीवाड़ा निर्धारित किया गया ।
5 . जांच अधिकारी वित्तीय अनियमितता के मामले में पहले ही निलंबित हो चुके हैं ।





