संपादक नयन टवली की कलम से ✍️

आलीराजपुर – जनजाति विकास मंच, आलीराजपुर के बैनर तले आज कट्ठीवाड़ा विकासखंड के आदिवासी किसानों ने कट्ठीवाड़ा तहसील कार्यालय का घेराव किया , यह विरोध प्रदर्शन कट्ठीवाड़ा सहकारी बैंक में किसानों के साथ हुए लाखों रुपये के गंभीर भ्रष्टाचार और गबन के मामले में स्थानीय प्रशासन द्वारा अपेक्षित कार्रवाई न होने के विरोध में किया गया , जनजाति विकास मंच की ओर से जारी बयान में बताया गया कि बैंक के शाखा प्रबंधक और अन्य कर्मचारियों ने फर्जी अंगूठे लगाकर 106 से अधिक किसानों के खातों से लाखों रुपये का अवैध आहरण कर लिया, जिसके कारण इन किसानों को जानबूझकर डिफॉल्टर घोषित कर दिया गया ।

मुख्य घटनाक्रम एवं कार्रवाई :- मंच ने बताया कि उन्होंने इस व्यापक भ्रष्टाचार के संबंध में श्रीमान अनुविभागीय अधिकारी, कट्ठीवाड़ा को 19 सितंबर 2025 को विस्तृत ज्ञापन दिया था , जिसका आज तक कोई जवाब नहीं आया और न ही कोई प्रभावी कार्रवाई हुई , प्रशासन का रुख: किसानों के व्यापक विरोध और मंच द्वारा अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी के बाद , स्थानीय प्रशासन हरकत में आया , सफलतापूर्वक FIR दर्ज किसानों और मंच की एकजुटता के परिणामस्वरूप , पुलिस ने बैंक शाखा प्रबंधक और अन्य दोषी कार्यकारियों के विरुद्ध तत्काल नामजद प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज की। यह FIR भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं जैसे धोखाधड़ी (318), आपराधिक विश्वासघात (306), चोरी (303) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत दर्ज की गई है ।
अन्य माँगे FIR दर्ज होने के बावजूद , मंच की प्रमुख माँगे अभी भी लंबित हैं , जिनमें शामिल हैं :-
1 . मामले की जाँच सहकारिता विभाग या EOW के उच्च-अधिकारी द्वारा 7 दिनों के भीतर शुरू की जाए ।
2 . सभी दोषी बैंक कर्मचारियों को तुरंत निलंबित किया जाए , 106 किसानों को ‘बकायादार’ सूची से तुरंत हटाकर , उनके खातों में गबन की गई राशि ब्याज सहित वापस की जाए , जनजाति विकास मंच , कट्ठीवाड़ा ने माननीय मुख्यमंत्री महोदय से सीधे हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि यदि शेष माँगे जल्द पूरी नहीं हुईं , तो मंच न्याय मिलने तक अपना संघर्ष जारी रखेगा , इस आंदोलन की सूचना प्रमुख सचिव , सहकारिता विभाग और पुलिस महानिदेशक (DGP) मध्य प्रदेश को भी प्रेषित की गई है ।





