संपादक नयन टवली की कलम से ✍️

आलीराजपुर – कलेक्टर नीतू माथुर ने नानपुर क्षेत्र एवं सोंडवा विकासखंड के ग्रामों को औचक निरीक्षण किया , बच्चों की शिक्षा के स्तर में सुधार लाए शिक्षक , इस दौरान उन्होंने सेजगांव में प्राथमिक शाला एवं माध्यमिक शाला का औचक निरीक्षण किया गया , जहॉ पर कलेक्टर श्रीमती माथुर द्वारा छोटे बच्चों से संवाद कर उनकी शैक्षणिक शिक्षा की जानकारी एकत्रित की साथ ही उनसे सवाल जवाब किए गए , कलेक्टर श्रीमती माथुर ने बच्चों को प्रश्न हल करना , किसी विषय को याद करने सहित अन्य विषयों पर सलाह देते हुए कहा कि आप लोग प्रति दिवस एक पेज आवश्यक रूप से लिखें जिससे आप हैण्ड राइटिंग के साथ आपकी किसी भी विषय को याद रखने के लिए स्मरण शक्ति भी बढेगी , इसके साथ कमजोर बच्चों के शिक्षा के स्तर में सुधार लाने के निर्देश संबंधित शिक्षकों को दिए ।
मध्याह्न भोजन में कमी पाए जाने पर संबंधित को हटाने के दिए निर्देश :- इस दौरान उन्होंने मध्यान्ह भोजन की जानकारी ली और सैपल फूड को स्वंय ने टेस्ट किया , माधन्ह भाेजन गुणवत्ताहीन पाया गया , कलेक्टर श्रीमती माथुर द्वारा संबंधित समूह संचालक को लताड लगाई साथ ही उपस्थित शिक्षकों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि शासन के द्वारा बच्चों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा जिसकी जांच करना और मेन्यु अनुसार भोजन की जवाबदारी संबंधित संस्था की है अगर कोई समूह गुणवत्ताहीन भोजन दे रहा है तो इसकी जानकारी मुख्यालय को देकर संबंधित को हटाने का प्रयास करने के बजाए आप लोग ऐसे समूह का साथ दे रहे है जो कि न्याय संगत नहीं है , भविष्य में शाला के प्रत्येक बच्चों को गुणवत्ता युक्त भोजन मिले , इस दौरान उन्होंने संबंधित समूह को हटाने एवं उसके खिलाफ कार्यवाही करने के निर्देश संबंधित अधिकारी को दिए , साथ ही शौचालय एवं पेयजल की व्यवस्था में सुधार के निर्देश संबंधित स्टाफ को दिए साथ ही संबंधित शाखा प्रबंधक के खिलाफ दण्डात्मक कार्यवाही करने के निर्देश भी जारी किए ।

कलेक्टर माथुर ने कार्य में लापरवाही बरतने पर चिकित्सा एवं सहायक नर्स पर कार्यवाही के निर्देश दिए , इस दौरान कलेक्टर माथुर द्वारा उप स्वास्थ्य केन्द्र सेजगांव का भी औचक निरीक्षण किया इस दौरान उन्होंने उपस्थित चिकित्सक से जानकारी लेते हुए प्रतिदिन की ओपीडी रजिस्टर की जॉच की , स्टॉक मे रखी दवा , उपस्थिति पंजी , सहित अन्य की जांच की ,जांच के दौरान पाया गया कि संबंधित चिकित्सक द्वारा ओपीडी संबंधित जानकारी सही इंद्राज नही की , न ही स्टॉक रजिस्टर एवं उपस्थिति पंजी का संरक्षण नियमानुसार किया नहीं पाया गया । मौके पर उपस्थित आमजन से जानकारी एकत्रित की गई तो ज्ञात हुआ कि संबंधित चिकित्सक रात्रि के समय उप स्वास्थ्य केन्द्र में मौजूद नहीं रहते साथ ही नियमानुसार प्रतिदिन उप स्वास्थ्य केन्द्र उपस्थित नहीं होते है जिससे उपचार के लिए ग्रामीणों को या तो सोण्डवा या नानपुर जाना पडता है । श्रीमती माथुर द्वारा संबंधित चिकित्सक एवं सहायक नर्स के खिलाफ कार्यवाही करने के निर्देश संबंधित विभाग को दिए , भ्रमण के दौरान उप स्वास्थ्य केन्द्र फडतला भी बंद पाए जाने पर संबंधित चिकित्सा एवं सहायक नर्स के विरूद्ध कार्यवाही करने के निर्देश मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दिए , इस दौरान तहसीलदार रानू माल सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थें , भ्रमण के दौरान की गई कार्यवाही से अवगत कराने के निर्देश संबंधित विभाग प्रमुख को दिए ।





