संपादक नयन टवली की कलम से ✍️

झाबुआ – जिले में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए निरंतर कार्रवाई की जा रही थी , इसी कड़ी में दिनांक 28.07.2025 की रात पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में , एसडीओपी की सक्रिय निगरानी में थांदला थाना प्रभारी अशोक कनेश ने एक बड़ी कार्यवाही को अंजाम दिया था , दिनांक 28.07.2025 की रात्रि लगभग 9 बजे थांदला पुलिस द्वारा विश्वसनीय मुखबिर से सूचना प्राप्त कर कुल ₹78 ,99 , 500 नकद , 74.15 किलोग्राम चाँदी तथा 350 ग्राम सोना (बॉक्स सहित) बरामद किया था , जिसमें वाहन के साथ उक्त सभी वस्तुओं को भी जब्त किया गया था , वाहन में सवार तीन व्यक्तियों से पूछताछ की गई , लेकिन संतोषजनक जवाब नही दिया गया न ही जप्त वस्तुओं के बिल ही प्रस्तुत किये गए , वाहन स्वामी व अन्य अपना पक्ष रखने कभी थाने पर उपस्थित नहीं हुआ एवं उन्होंने पुलिस जांच में कोई सहयोग नहीं किया , इस संपूर्ण प्रकरण में आरोपियों के खिलाफ विधिसंगत प्रकरण क्रमांक 01/2025 दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच प्रारंभ की थी , पुलिस द्वारा जांच प्रारंभ करने के साथ ही आयकर विभाग , जीएसटी विभाग , प्रवर्तन निदेशालय तथा राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) को भी जब्ति सम्बन्धी कागज प्रतिवेदन के साथ सौपें थे , जिसमें इनकम टैक्स विभाग द्वारा अपनी प्रारंभिक जांच चालू की गयी और सभी सम्बन्धितों के कथन व दस्तावेज प्राप्त किये गये , और इनकम टैक्स विभाग द्वारा भी अपनी प्रारंभिक जांच में यह माना कि उक्त वस्तुएं तथा जब्त माल संदिग्ध है और वारंट प्राप्त किया गया,वारंट के अनुसार दिनांक 14.10.2025 को आयकर विभाग के अधिकारी श्री अशोक कुमार मीणा अपनी टीम के साथ थाना थान्दला पहुंचे और थाने पर जब्तशुदा वस्तुओं का वेल्युअर के माध्यम से मूल्यांकन कराया गया तथा संपूर्ण नकदी और सोना – चांदी अपने कब्जे में लेकर एसबीआई बैंक झाबुआ में जमा कराया गया है , ऐसे में जब्त वाहन क्रमांक UP93CT9721 , ALOK XPRESS PARCEL SERVICE PVT LTD के वाहन स्वामी की मुश्किलें और बढ़ गयी हैं , पुलिस इस मामले में लिप्त सभी आरोपियों के विरूद्ध जल्द मामला दर्ज कर इन्हें गिरफ्तार कर सकती है , वहीं अन्य ऐजेन्सियों की जांच रिपोर्ट का इंतजार है , गौरतलब है कि जीएसटी विभाग अपनी जांच में पहले ही वाहन स्वामी से पांच लाख पचास हजार का जुर्माना वसूल चुका है ।
वाहन स्वामी के मैनेजर आनंद सोनी द्वारा कार्यवाही से बचने हेतु पुलिस अधीक्षक झाबुआ को दो माह पूर्व घटना के सम्बन्ध में घुमा-फिराकर शिकायत की थी ताकि पुलिस कार्यवाही से बचा जा सके और पुलिस पर दबाब बनाया जा सके पर पुलिस की कार्यवाही इतनी मजबूत थी की वाहन स्वामी 03 बार कोर्ट में आवेदन दे चुका है परंतु आज दिनांक तक जब्त वाहन को नही छुड़ा पाया है ।





