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झाबुआ – बडो पर रहम , छोटो पर सितम , नशे , जुवा सट्टा और अवैध गोमांस पकड़ने मे नाकाम कोतवाली वाले सहाब , बड़े सहाब को खुश करने के चक्कर मे त्यौहारो मे फटाके पकड़ने निकले ।

संपादक नयन टवली की कलम से ✍️

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झाबुआ – हा तो भैया विगत दो दिनों से कोतवाली वाले सहाब को आकाशवाणी के माध्यम से पता लगा की यह बड़े सहाब अब शायद ही मुझे कोतवाली मे रहने देंगे तो कोतवाली वाले सहाब ने सोचा की क्यों न त्यौहारो मे नगर मे निकलकर छोटे व्यपारियों को टारगेट कर फटाके पकड़े जाए , वैसे तो नगर मे जुवा सट्टा , नशा खोरी , बाईकर गेंग , लड़ाई झगड़े और चोरी चकारी तो रोज चलते ही है पर उनको कौन बंद कराएं , उनको बंद करवाने गए तो लक्ष्मी यंत्र कहा से प्रशन्न होगा , बडो पर रहम और छोटे पर सितम… यदि नगर के बड़े किसी व्यक्ति की गाड़ी चोरी हो जाए , कुछ भी घटना हो तो सहाब संपूर्ण कोतवाली को काम पर लगा देते है पर यदि गरीब का कुछ चोरी हो जाए या कुछ घटना होतो वह फरीयादि महीनो महीनो तक सहाब के चक्कर काटता है , और यदि भरोषा न हो न तो थाने मे कार्यवाही न होने के नाम से ढेर आवेदन बड़े सहाब के आफिस मे पड़े है चेक कर लेना…..नगर मे बढ़ते अपराध पर ध्यान नहीं पर नए और बड़े सहाब को कार्यवाही दिखाना जरूरी है , खुश करना जरूरी है क्योंकि क्या पता यह सहाब कई लाइन अटेज न कर दे क्यों.. की बड़े सहाब का मिजाज थोड़ा अलग है चाटुकारीता कम पसंद करते है काम करो नहीं तो लाइन हाजिर हो जाओ के मंत्र को लेकर चल रहे सहाब एक बड़ी लिस्ट तैयार कर रहे है… जिसमे कईयों की फाईल निपट जाएगी…और जिला मुखायलय पर स्थित सहाब की कोतवाली के हाल तो पता ही है… तोड़ पानी मे ही पूरा दिन निकल जाता है…. नगर मे बिक रहे अवैध गोमांस को लेकर झाबुआ यूथ ने अभी कुछ दिनों पहले ही नाम जद ज्ञापन दिया था , पर थाने वाले सहाब का हाथ उनतक नहीं पहुंच पा रहा क्योंकि… वहा से तबियत से आरहा….. और सहाब जो आज उस छोटे गरीब व्यापारी जो फूलजड़ी और टिकडी बम जैसे पटाखे बेच कर अपना घर चला रहा था न… उससे लाए फटाके अगर कम पड़े तो उत्कृष्ट मैदान पर फटाखे की दुकाने लगी है वहा भी चले जाना वहा से भी थोड़े थोड़े फटाखे ले आना ताकि दीपावली आपकी अच्छी मन जाएगी… क्योकि सरकार शायद आपको तन्खा देती नहीं… फ्री मे नौकरी करवाती है और तन्खा से ज्यादा तो आपको गरीब आदिवासी देहि जाते है…..सहाब लिखने को तो ऐसी ऐसी जानकारी है… की रात की नींद उड़ जाएगी पर आज के लिए इतना ही… वैसे तो आपके सरक्षण कर्ता आपको बचा भी सकते है… पर सनातनी लोगो के त्यौहारो पर यह कार्यवाही शायद बहुत महँगी भी पड़ सकती है….क्योंकि निचे वाले से ज्यादा ताकत ऊपर वाले की लाठी मे है.. उस छोटे व्यापारी की हाय बला झेलने के लिए तैयार रहना….

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