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आलीराजपुर – जनजाति विकास मंच के द्वारा आयोजित युवा सम्मेलन , 15 नवंबर को जिले में भगोरिया महोत्सव की तरह भव्य रूप से गौरव दिवस मनाया जाएगा ।

संपादक नयन टवली की कलम से ✍️

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आलीराजपुर – जनजाति विकास मंच द्वारा जनजाति गौरव दिवस व भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को लेकर युवा सम्मेलन का कार्यक्रम आयोजित किया , जिसमें डेढ़ हजार से अधिक युवाओं ने भाग लिया और वक्ताओं ने अपने विचार रखे और युवाओं को धर्म के पद के साथ समाज के विकास के लिए आव्हान करते हुए धर्म , संस्कृति , परंपरा और रीति रिवाज को जीवित रखने का संदेश दिया , अतिथियों ने बिरसा गौरव यात्रा का शुभारंभ किया , जनजाति विकास मंच के द्वारा जनजाति गौरव दिवस व भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को लेकर युवा सम्मेलन कार्यक्रम हुआ जिसमें डेढ़ हजार से अधिक युवाओं ने भाग लिया, जहां पर मुख्यवक्ताओं के साथ में जनप्रतिनिधि और समाज के प्रमुख कार्यकर्ताओं ने अपने विचार रखें युवा सम्मेलन के मुख्य वक्ता राजेश डावर ने कहा कि जनजाति इस धरती का सबसे पहला हिंदू समाज है यहां का प्रत्येक हिंदू और जनजाति समाज के लोगों अपनी संस्कृति परंपरा रीति रिवाज ओर पूर्वजों की आस्थाओं को जीवित रखी है, जिन्हें जीवित रखना भी आज के युवाओं का कर्तव्य बनता है , आज के युवा नशा, जुवा जैसे व्यसनों मैं फंसा हुआ है इससे छुटकारा पाने के लिए धर्म के पथ पर और पूर्वजों के द्वारा बताएं मार्ग पर चलने की आवश्यकता बताई , उन्होंने जनजाति समाज के महापुरुषों का इतिहास को प्रकट करते हुए बताया कि उन्होंने समाज और धर्म की रक्षा के लिए अपने प्रांणों की चिंता नहीं करते हुए बलिदान दिए हैं , उन्होंने छितू किराड,भगवान बिरसा मुंडा, टंट्या भील, खांजा भील, राणा पूंजा भील जैसे महापुरुषों का इतिहास को बताया और उनके द्वारा किए गए समाज कार्यों को लेकर सभी युवाओं में जोश भरा उन्होंने मुगल शासन से लेकर वर्तमान इतिहास तक महापुरुषों को किए गए कार्य का बखान किया है, साथ ही इस जनजाति समाज के द्वारा हिंदू रीति, पद्धति, संस्कृति और कुरोतियों को लेकर भी अपने विचार रखे हैं , आपने यह भी कहा कि भील भिलाला या अन्य समाज को पूर्वज नहीं देखा केवल अपने समाज हित और रक्षा के लिए प्राण गंवाना बताया , कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान ने कहा कि कुछ लोग आदिवासी को हिंदू नहीं है कहकर बगला रहे हैं उन लोगों को अपने पूर्वजों के इतिहास को जानना चाहिए , इस धरती के अंदर बावड़ी , कुएं के अंदर आज भी हिंदू धर्म के प्रतीक स्वरूप मूर्तियां दिखाई देती है। इसका सीधा उदाहरण होता है कि जब से यह धरती बनी है तब से इस धरती पर आदिवासी रहता है और हिंदू की परंपरा को अपनाते आया है , उन्होंने उदाहरण महापुरुषों के साथ इतिहास को लेकर दिया है , आलीराजपुर जिले के गौरव छितू किराड की जीवन गाथा को लेकर भी उन्होंने अपनी बात रखी और आदिवासी हिंदू नहीं है कहने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 500 वर्ष पूर्व से यहां का जनजाति समाज राम और हिंदू देवी देवता को पुजता रहा है, और आगे भी इसी धर्म और पथ पर चलेगा क्योंकि आज के युवा अपनी परंपरा और संस्कृति को जीवित रखने आगे आ रहे हैं , आदिवासी समाज की संस्कृति , रीति रिवाज और परंपरा एक अपनी पहचान बना कर रखी है जो कि हिंदू संस्कृति से जुड़ी हुई है यहां का हर व्यक्ति पीपल, बड, तुलसी के साथ ही नर्मदा मां की विशेष पूजा अर्चना करता है तो फिर आदिवासी हिंदू कैसा नहीं है , उन्होंने जनजाति गौरव दिवस पर होने वाले कार्यक्रम को लेकर अपनी बात रखी और 15 नवंबर को ढोल, मांडल के साथ उत्साह पूर्वक गौरव दिवस मनाने हेतु सभी अपील की है, यहां पर भगोरिया मेला जैसा माहौल दिखे इसके लिए हर प्रकार का प्रयास करने की बात भी की है , इस मौके पर जनजाति विकास मंच जिला अध्यक्ष राजेश डुडवे ने जनजाति गौरव दिवस पर होने वाले कार्यक्रम की जानकारी प्रस्तुत की और कहा कि 6 दिनों तक पूरे जिले में बिरसा गौरव यात्रा के रूप में निकल रहे हैं रथ भ्रमण करेंगे और बिरसा मुंडा के जीवन गाथा को जन-जन तक पहुंचाने की बात की है , राज्यसभा सांसद सुमेर सिंह सोलंकी ने बिरसा मुंडा के जीवन के ऊपर अपनी बात रखते हुए हिंदू धर्म और संस्कृति के साथ आदिवासी समाज की परंपरा रीति रिवाज कर्म और सेवा भाव का उदाहरण देते हुए कहा कि इस धरती पर सबसे पहला सनातनी जनजाति समाज ही आया था जिनकी पहंचान अनेक जगह दिखाई देती है , जिसे आज के युवाओं को पहचाने और महापुरुषों के इतिहास को पढ़ने की जरूरत बताई है आज के नौजवान दूसरों के द्वारा लिखी गई किताबों पढ़कर हम सनातनी नहीं है कहने लगे हैं जो कहीं ना कहीं बाहरी लोगों के द्वारा बड़ा षड्यंत्र है , ईसाई मिशनरी के द्वारा किया जा रहे षड्यंत्र सीधे जनजाति समाज के युवा और महिलाओं पर प्रभावित करने में जुटा है। ऐसे प्रभावशील भी धर्म संगठनों से दूर रहने की बात की है , इस मौके पर कमरू अजनार , मांगीलाल रावत ने भी अपनी बात रखी और आदिवासी की परंपरा संस्कृति को बताया , मंच पर जयदीप पटेल, मुकाम सिंह किराड़े , हरे सिंह जी , जयपाल खरत , मांगीलाल चौहान मौजूद रहे , कार्यक्रम का संचालन जनजाति विकास मंच के प्रमुख गोविंद भयडिया ने किया जबकी आभार युवा प्रमुख कादू डुडवे ने माना ।

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6 दिनों तक भ्रमण करेगी गौरव यात्रा , जनजाति विकास मंच के द्वारा निकल जा रही छः दिवसीय बिरसा गौरव यात्रा का शुभारंभ अतिथियों के द्वारा भगवान ध्वज दिखाकर और बिरसा मुंडा की जन्मस्थली से लाई गई पवित्र माटी की पूजा कर किया है जो कि जिले के सभी ग्रामीण क्षेत्र तक गौरव यात्रा के रूप में पहुंचेंगी ओर रथ पर स्थापित किए गए कलश की पूजा कर बिरसा मुंडा की जीवन लीला और जनजाति समाज की रक्षा के लिए किए गए कार्य का बखान भी रथ यात्रा के साथ शामिल वक्ताओं के द्वारा बताया‌ , इस गौरव यात्रा का समापन 15 नवंबर को जिला मुख्यालय पर होगा ।

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