संपादक नयन टवली की कलम से ✍️

आलीराजपुर – छात्रावासों में बच्चों की अकाल मृत्यु और गंभीर अनियमितताएँ पर जनजाति विकास मंच ने राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन , दोषियों पर 304A IPC के तहत FIR दर्ज करने की मांग , आलीराजपुर (म.प्र.), 17 नवंबर 2025 जनजाति विकास मंच , आलीराजपुर ने जिले के आदिवासी छात्रावासों , आश्रम शालाओं और स्कूलों में व्याप्त घोर लापरवाही, सुरक्षा मानकों के उल्लंघन और मध्यान्ह भोजन में व्यापक अनियमितताओं के विरोध में आज माननीय कलेक्टर महोदय को एक ज्ञापन सौंपा , यह ज्ञापन महामहिम राज्यपाल, मध्य प्रदेश शासन एवं माननीय मुख्यमंत्री महोदय के नाम संबोधित किया गया है , मंच ने मांग की है कि लापरवाह वार्डन/अधीक्षकों पर मात्र निलंबन की कार्रवाई न की जाए, बल्कि आपराधिक प्रकरण (FIR) दर्ज कर कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए , मुख्य आरोप और घटनाएँ , मंच ने ज्ञापन में निम्नलिखित गंभीर मुद्दों को रेखांकित किया है , आपराधिक लापरवाही से अकाल मृत्यु: विशेषकर कट्ठीवाड़ा ब्लॉक के छात्रावासों में विगत दो वर्षों में तीन से अधिक मासूम छात्र-छात्राओं की लापरवाही के कारण असमय मृत्यु हुई है। मंच ने इसे वार्डन/अधीक्षिका की घोर आपराधिक लापरवाही का परिणाम बताया है , मध्यान्ह भोजन में व्यापक घोटाला: जिले के सभी संस्थानों में बच्चों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता अत्यंत निम्न है, स्वच्छता मानकों का उल्लंघन किया जा रहा है, और पोषणयुक्त आहार नहीं मिल रहा है , मंच के अनुसार , यह आदिवासी बच्चों के स्वास्थ्य एवं शिक्षा के संवैधानिक अधिकार का सीधा उल्लंघन है , निलंबन ‘खानापूर्ति’ है: मंच ने पिछली घटनाओं में हुई ‘निलंबन’ की कार्रवाई को सिर्फ खानापूर्ति बताते हुए अस्वीकार कर दिया है , ऐसी ढुलमुल कार्यवाही लापरवाह कर्मचारियों को कठोर सबक नहीं देती ।
जनजाति विकास मंच की प्रमुख और निर्णायक मांगें :- मंच ने महामहिम राज्यपाल और मुख्यमंत्री महोदय से हस्तक्षेप की मांग करते हुए निम्नलिखित तत्काल कदम उठाने की अपील की है , FIR और कारावास: बच्चों की अकाल मृत्यु के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार वार्डन/अधीक्षिका और संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों के विरुद्ध तत्काल गैर-इरादतन हत्या (Section 304A IPC) की धारा के तहत आपराधिक प्रकरण (FIR) दर्ज कर मुकदमा चलाया जाए , तत्काल सेवा समाप्ति: दोषी पाए गए कर्मचारियों को केवल निलंबित न किया जाए, बल्कि तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त (Terminate) किया जाए , व्यापक ऑडिट , पूरे जिले के सभी आदिवासी संस्थानों का एक उच्च-स्तरीय , समयबद्ध सुरक्षा, स्वास्थ्य और वित्तीय ऑडिट कराया जाए , पारदर्शी मॉनिटरिंग भोजन की गुणवत्ता और छात्रावास संचालन की पारदर्शी ऑनलाइन मॉनिटरिंग प्रणाली लागू की जाए , जिसमें स्थानीय जन प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए , जनजाति विकास मंच ने चेतावनी दी है कि यदि इन गंभीर मामलों पर कठोर और निर्णायक कार्रवाई नहीं की गई , तो मंच वृहद आंदोलन के लिए बाध्य होगा ।





