संपादक नयन टवली की कलम से ✍️

आलीराजपुर – (म.प्र.): आज (दिनांक 24 नवंबर 2025) को जनजाति विकास मंच , आलीराजपुर एवं बड़ी संख्या में पीड़ित किसान परिवारों ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्या. झाबुआ की कट्ठीवाड़ा शाखा के अधीनस्थ दो प्रमुख समितियों , आदिम जाति सहकारी संस्था (लेम्स) कट्ठीवाड़ा और लेम्स आमखुट में हुए करोड़ों रुपये के किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण वितरण घोटाले के संबंध में एक विस्तृत ज्ञापन कलेक्टर महोदय एवं पुलिस अधीक्षक महोदय , आलीराजपुर को सौंपा है , ज्ञापन में दिनांक 01/04/2017 से 30/04/2024 के बीच हुए इस सुनियोजित वित्तीय भ्रष्टाचार में बैंक एवं समिति प्रबंधकों सहित उच्च अधिकारियों की संलिप्तता का आरोप लगाया गया है ।
करोड़ों रुपये के गबन की मुख्य बातें :- जनजाति विकास मंच ने अपनी शिकायत में संस्था प्रबंधक (लेम्स कट्ठीवाड़ा) रमेश भूरिया, संस्था प्रबंधक (लेम्स आमखुट) गिरधारिलाल राठौर , और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक कट्ठीवाड़ा के प्रबंधक श्री निर्भयसिंह तोमर को मुख्य रूप से जिम्मेदार ठहराते हुए निम्नलिखित गंभीर अनियमितताओं को उजागर किया है ।
1 . फर्जी खाद बिक्री और गबन (1 करोड़ से अधिक) लेम्स आमखुट में संस्था प्रबंधक गिरधारिलाल राठौर और उनके पुत्र (खाद विक्रेता) ने बैंक प्रबंधक निर्भयसिंह तोमर के साथ मिलकर 2024-25 में बैंक स्तर पर करोड़ों रुपये का खाद जमा किया , संस्था स्तर पर मात्र 14.00 लाख का खाद खर्च दिखाया गया, जबकि शेष खाद स्थानीय व्यापारियों को नगद में बेचकर भारी गबन किया गया ।
2 . किसानों की ऋण राशि हड़पी , लेम्स आमखुट में कुल 109 सदस्यों ने वर्ष 2024-25 में KCC ऋण वितरण की राशि संस्था में जमा की , लेकिन प्रबंधक गिरधारिलाल राठौर ने यह राशि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के DMR (डिमांड) खाते में जमा नहीं की , इस कारण किसान नगदी और खाद के ऋण के लिए भटक रहे हैं , लेम्स कट्ठीवाड़ा में भी, 106 सदस्यों की KCC ऋण राशि (64.00 लाख रुपये) संस्था द्वारा ले ली गई, लेकिन बैंक के DMR खातों में जमा नहीं की गई ।
3 . 30.00 करोड़ रुपये से अधिक का फर्जी ऋण एवं गबन , लेम्स आमखुट कुल डिमांड राशि 12.00 करोड़ रुपये में से मात्र 2.00 करोड़ की वसूली हुई है। शेष 10.00 करोड़ रुपये की राशि को फर्जी ऋण के रूप में गबन किया गया , आरोप है कि किसानों को भुगतान की जानकारी नहीं है , और बैंक प्रबंधक की मिलीभगत से एक ही किसान के नाम पर तीन-तीन खाते खोलकर ऋण राशि नामे की गई, जिसमें बैंक प्रबंधक श्री तोमर का 30 % हिस्सा था , लेम्स कट्ठीवाडा कुल डिमांड राशि 24.00 करोड़ रुपये में से मात्र 4.00 करोड़ की वसूली हुई , शेष 20.00 करोड़ रुपये को शाखा प्रबंधक एवं संस्था सहायक रफीक मोहम्मद शेख द्वारा गबन कर आहरित किया गया ।

उच्च अधिकारियों पर लापरवाही और संलिप्तता का आरोप :- जनजाति विकास मंच ने आरोप लगाया है कि इस पूरे घोटाले में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्या. झाबुआ के महाप्रबंधक के. के. रायकवार और डिप्टी रजिस्ट्रार सोलंकी साहब , आलीराजपुर की भी संलिप्तता है , ज्ञापन में कहा गया है कि पिछले 2-3 वर्षों से चल रहे इस गबन की जानकारी होने के बावजूद, रायकवार जी द्वारा आज दिनांक तक कोई उच्च स्तरीय जाँच नहीं करवाई गई ।
मांग :- 40.00 करोड़ की सघन जाँच हो जनजाति विकास मंच ने प्रशासन से शाखा कट्ठीवाड़ा की दोनों संस्थाओं की कुल डिमांड राशि 40.00 करोड़ रुपये की सघन और निष्पक्ष जाँच तुरंत शुरू करने और सभी दोषी बैंक कर्मियों तथा उच्च अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है ।





