संपादक नयन टवली की कलम से ✍️

आलीराजपुर – जिले मे शिक्षा व्यवस्था सुधारने एवं छात्र छात्राओं को बेहतर व्यवस्था प्रदान करने के उद्देश्य से कलेक्टर नीतू माथुर ने बड़ा जन हितेषी निर्णय लिया है , ज़ब से कलेक्टर के रूप मे नीतू माथुर ने जिले की कमान संभाली है तब से कलेक्टर का शिक्षा और छात्रावासो मे छात्र छात्राओं को मिलने वाली सुविधाओ को बेहतर करने का प्रयास किया है , ताकि आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र मे शिक्षा व्यवस्था और बेहतर हो सके , पर जिले मे कई सालो से छात्रावासो मे जमे बैठे अधीक्षकों की हट कर्मिता और मनमानी के चलते इस उद्देश्य को जमीनी अमली जामा पहनाना मुमकिन नहीं लग पा रहा था , कलेक्टर ने लगातार छात्रावासो और स्कूलों का निरिक्षण कर वहा की स्थिति को समझा और जाना की यहां कैसे बदलाव और अच्छी व्यवस्था दी जा सके , कलेक्टर ने ज़ब इस बात को समझा और शिक्षा विभाग एवं जनजाति कार्य विभाग की लगातार बैठके ली तो यह तय था की कलेक्टर कुछ बड़ा बदलाव या बड़ी सर्जरी के मूड मे है , क्योंकि बदलाव प्रकृति का नियम है और बिना बदलाव अच्छी व्यवस्था दे पाना नामुनकिन , कलेक्टर के लगभग महीने भर से ज्यादा समय के कार्यकाल मे छात्रावासो मे कई बड़ी लापरवाही और अनियमितता सहित छात्र छात्राओं की मृत्यु तक के बड़े मामले सामने आए , कलेक्टर की बेहतर व्यवस्था देने और अच्छी शिक्षा देने की मानसिकता और संकल्प पर पानी फेरने मे कई अधीक्षक कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे थे , कलेक्टर माथुर ने शिक्षा विभाग और जनजाति कार्य विभाग की बड़ी बैठक लेकर 5 साल से एक ही जगह जमे अधीक्षकों को हटाने का निर्णय लिया , उसके बाद अन्य विभागों मे 3 सालो से जमे अधीक्षकों और अधिकारीयों का भी नंबर लगने वाला है , क्योंकि कलेक्टर ने ठाना है की अब बदलाव करके ही अच्छी शिक्षा और छात्र छात्राओं को बेहतर व्यवस्था देने के संकल्प को सिद्धि दी जा सकती है , सूत्रों से पता लगा है की कलेक्टर ने सभी एसडीएम की एक बैठक लेकर उन्हें निरंतर निरिक्षण करने के सख्त निर्देश दिए है एवं अब अनियमितता मिलने पर अधीक्षक को नोटिस नहीं सीधे हटाने का निर्णय भी लिया गया है , कलेक्टर ने स्वयं हर दिन मेसे कुछ समय निकालकर विडिओ कॉल के माध्यम से हर हॉस्टल की निगरानी एवं समय समय पर स्वयं निरिक्षण करने का ग्राउंड प्लान तैयार किया है ।





