संपादक नयन टवली की कलम से ✍️

झाबुआ – कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी नेहा मीना द्वारा मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5 (क, ख) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिले में लोक-शांति एवं सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने की दृष्टि से तीन आदतन अपराधियों को छह माह की अवधि के लिए जिला बदर किए जाने के आदेश जारी किए गए हैं , जारी आदेशानुसार अनावेदक दिनेश पिता सोमजी उर्फ हुमजी भूरिया निवासी काकनवानी जिला झाबुआ , प्रकाश पिता वरसिंह खराडी निवासी गुजरपाडा जिला झाबुआ तथा प्रमोद उर्फ चिंटू पिता सुरेश राठौर निवासी तेलीवाड़ा झाबुआ को आदेश प्राप्ति के 24 घंटे के भीतर झाबुआ जिले की राजस्व सीमा सहित समीपवर्ती जिले धार, रतलाम , आलीराजपुर एवं बड़वानी की राजस्व सीमाओं से बाहर जाना होगा । यह आदेश छह माह की अवधि तक प्रभावशील रहेगा । इस अवधि में सक्षम न्यायालय की पूर्व लिखित अनुमति के बिना संबंधित क्षेत्रों में प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा , पुलिस अधीक्षक , जिला झाबुआ द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन में उल्लेख किया गया है कि अनावेदक दिनेश पिता सोमजी उर्फ हुमजी भूरिया , उम्र 42 वर्ष, निवासी काकनवानी , थाना काकनवानी , आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है। उसके विरुद्ध मारपीट , अवैध शस्त्र रखने, अवैध शराब रखने तथा शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने जैसे अपराध दर्ज हैं । उसकी आपराधिक प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने हेतु समय-समय पर प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की गई , किंतु उसके आचरण में सुधार परिलक्षित नहीं हुआ । वर्ष 2016 से वह निरंतर आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय है । ग्राम काकनवानी एवं आसपास क्षेत्र की शांति एवं सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए उसका जिला बदर किया जाना आवश्यक पाया गया , अनावेदक प्रकाश पिता वरसिंह खराडी , उम्र 48 वर्ष, निवासी गुजरपाडा, थाना मेघनगर, के संबंध में पुलिस अधीक्षक द्वारा अवगत कराया गया कि वह साम्प्रदायिक मानसिकता से ग्रसित होकर अन्य धर्म के अनुयायियों की मान्यताओं के विपरीत कार्य कर धार्मिक भावनाएं भड़काने एवं क्षेत्र में तनाव की स्थिति निर्मित करने का प्रयास करता रहा है । उसके विरुद्ध मारपीट , गाली-गलौज एवं अवैधानिक गतिविधियों के प्रकरण दर्ज हैं , प्रतिवेदन में उल्लेख है कि उसने अपने साथियों सहित ग्राम सजेली नान्यासात के सीमावर्ती वन क्षेत्र (कक्ष क्रमांक 74, 75, 76 एवं 81) में अतिक्रमण कर निर्माण कार्य किया तथा अवैधानिक गतिविधियों के माध्यम से क्षेत्र की लोक व्यवस्था को प्रभावित करने का प्रयास किया । इस संबंध में थाना मेघनगर में अपराध क्रमांक 287/2025 , धारा 4 , 5, 9 म.प्र. गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम , 2004 के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही है। अनावेदक की गिरफ्तारी सुनिश्चित कर उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया जा चुका है । सार्वजनिक सुरक्षा एवं लोक-व्यवस्था की दृष्टि से उसके विरुद्ध जिला बदर की कार्यवाही आवश्यक पाई गई , अनावेदक प्रमोद उर्फ चिंटू पिता सुरेश राठौर, उम्र 36 वर्ष, निवासी तेलीवाड़ा झाबुआ , आपराधिक प्रवृत्ति का है। उसके विरुद्ध म.प्र. पब्लिक गेम्बलिंग एक्ट के अंतर्गत कुल 09 अपराध पंजीबद्ध हैं । वर्ष 2022 से वह निरंतर आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त है । प्रतिबंधात्मक कार्यवाही के बावजूद उसके आचरण में सुधार नहीं हुआ तथा अवैध सट्टा गतिविधियों की पुनरावृत्ति होती रही , उसकी गतिविधियों से आमजन प्रभावित हो रहे हैं तथा लोग उसके विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराने से भी भयभीत रहते हैं । अवैध सट्टा के माध्यम से लोगों को प्रलोभन देकर उनकी आर्थिक एवं पारिवारिक शांति प्रभावित की जा रही है , जिससे क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा की स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है । अतः कस्बा झाबुआ एवं आसपास के ग्रामों की लोक-शांति बनाए रखने हेतु उसे जिला झाबुआ सहित सीमावर्ती जिलों से जिला बदर किया जाना आवश्यक पाया गया , कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि लोक-शांति एवं सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने वाले तत्वों के विरुद्ध प्रशासन द्वारा सख्त कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी ।










