संपादक नयन टवली की कलम से ✍️

आलीराजपुर – शासकीय कन्या विद्यालय बाहरपुरा, जिला आलीराजपुर में आज जिला स्तरीय विद्यालय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम बड़े उत्साह और गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया । कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षा के प्रति बच्चों को जागरूक करना और अधिक से अधिक बच्चों को विद्यालय से जोड़ना है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान , जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हजरी बाई खरत,कलेक्टर नीतू माथुर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती संघमित्रा गौतम , जिलाध्यक्ष मकु परवाल , रिंकेश तंवर , सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्री संजय परवाल तथा डीपीसी श्री प्रमोद कुमार शर्मा सहित शिक्षकगण , अभिभावक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे , कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के पूजन-अर्चन से हुई। इसके पश्चात स्थानीय लोकभाषा में शिक्षा एंथम गीत प्रस्तुत किया गया, जिसने बच्चों को विद्यालय में प्रवेश के लिए प्रेरित किया । विद्यालय की बालिकाओं ने “ये जादू नहीं, विज्ञान है” विषय पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर अंधविश्वास और अशिक्षा के विरुद्ध जागरूकता का प्रभावी संदेश दिया। इस अवसर पर कक्षा 1, 9 और 11 में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों का तिलक लगाकर , माला पहनाकर एवं शिक्षण सामग्री भेंट कर स्वागत किया गया। साथ ही छात्राओं को साइकिल वितरण कर उनकी शिक्षा को और अधिक सुगम बनाने का प्रयास किया गया , अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान ने कहा कि प्रशासन द्वारा जिले में 25 से 27 मार्च तक चलाए गए विद्यारंभ कार्यक्रम के तहत जिले में कक्षा 1 में लगभग 94% बच्चों का प्रवेश सुनिश्चित कराया गया है, जोकि बड़ी उपलब्धि और सराहनीय है। उन्होंने बच्चों को कुरीतियों से दूर रहकर शिक्षा के माध्यम से अपने भविष्य को संवारने का संदेश दिया । उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा निःशुल्क पुस्तकें, ड्रेस, साइकिल, आवासीय भत्ता और कोचिंग जैसी कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं ताकि हर बच्चा शिक्षा प्राप्त कर सके और अपने भविष्य को उज्जवल बना सके । उन्होंने आलीराजपुर जिले के गरीब परिवारों से मध्य प्रदेश लोक सेवा में चयनित हुए बच्चों का उदाहरण देते हुए कहा कि उन बच्चों ने विषम परिस्थितियों में पढ़ाई कर सफलता हासिल की है, वैसे ही सब बच्चे अच्छे से पढ़ाई कर अच्छे अच्छे पदों पर आसीन हो और शिक्षा के महत्व को समझे ।

कलेक्टर नीतू माथुर ने कहा कि सभी बच्चे जिनका विद्यालयों में प्रवेश हुआ है वह नियमित रूप से विद्यालय आए और अपनी पढ़ाई को निरंतर जारी रखे। यह आपके भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है । पढ़ाई केवल अच्छी नौकरी पाने के लिए नहीं करना है बल्कि इससे आपकी सोचने समझने की शक्ति विकसित होती है जो आपके जीवन को सफल बनाने में निश्चित रूप से सहायता करेगी । उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की तुलना दूसरों से न करें, बल्कि उनके हुनर को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें । उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि आज हम भी जिस मुकाम पर है वह कहीं ना कहीं हमारे शिक्षकों के प्रयासों से है इसलिए सभी शिक्षक इसी तरह बच्चों के आदर्श के रूप में अपने आप को बनाए रखे । उन्होंने कहा कि बालपन कोरा कागज होता है उस पर लिखा अमिट होता है इसलिए उन्हें बचपन से ही अच्छे-अच्छे महापुरुषों की कहानी बताए तथा समाज की कुरीतियों से अवगत कराए ताकि वह सही और गलत में फर्क करना सीख सके।कार्यक्रम के अंत में मध्यान्ह भोजन के तहत विशेष भोज का आयोजन किया गयाb, जिसमें कलेक्टर नीतू माथुर और मुख्य कार्यपालन अधिकारी संघमित्रा गौतम ने बच्चों के साथ बैठकर भोजन किया ।










