संपादक नयन टवली की कलम से ✍️

अलीराजपुर – जिले के कट्ठीवाड़ा में शासकीय राशि में हेरफेर के मामले लगातार सामने आ रहे हैं । 18 करोड़ के शिक्षा विभाग घोटाले के बाद अब आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था में भी एक बड़ा गबन उजागर हुआ है । रविवार देर शाम कट्ठीवाड़ा थाने में तीन अधिकारियों – कर्मचारियों के खिलाफ 4 करोड़ रुपये के गबन का प्रकरण दर्ज किया गया , यह मामला आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था से जुड़ा है । जिन तीन जिम्मेदार अधिकारियों – कर्मचारियों पर प्रकरण दर्ज किया गया है, उनमें निर्भय सिंह तोमर , गिरधारी लाल राठौड़ और रमेश भूरिया शामिल हैं । जानकारी के अनुसार, उदय सिंह चौहान ने कट्ठीवाड़ा थाने में एक लिखित आवेदन दिया था , जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई , जांच में पाया गया कि गिरधारी लाल राठौड़ (तत्कालीन शाखा प्रबंधक आमखुट , संस्था प्रबंधक और शाखा पर्यवेक्षक), रमेश भूरिया (समिति प्रबंधक, केवड़ा निवासी) और निर्भय सिंह तोमर (तत्कालीन शाखा प्रबंधक कट्ठीवाड़ा, बड़ी सर्दी निवासी) ने अपने पदों का दुरुपयोग किया । उन्होंने कुल 3,99,05,661 रुपये की सरकारी राशि का गबन किया , आरोपियों ने बैंक के सीबीएस सिस्टम में फर्जी आईडी के माध्यम से गलत प्रविष्टियां कीं , किसानों की निर्धारित ऋण सीमा से अधिक राशि का वितरण दर्शाकर वित्तीय अनियमितताएं की गईं , इसके अतिरिक्त, किसानों द्वारा जमा की गई ऋण राशि को उनके खातों में जमा न करके भी बड़ी हेराफेरी की गई , पुलिस ने शिकायत और चार्टर्ड अकाउंटेंट की जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करते हुए तत्कालीन अधिकारियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 409 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है , कट्ठीवाड़ा पुलिस ने इस गंभीर आर्थिक अपराध की विस्तृत विवेचना शुरू कर दी है , उप-निरीक्षक लालू सिंह भूरिया को इस प्रकरण की कमान सौंपी गई है। यह पूरी कार्रवाई जिला प्रशासन और बैंक मुख्यालय के निर्देशों के बाद अमल में लाई गई है ।










