• Home
  • झाबुआ
  • झाबुआ – कलेक्टर भरसट एवं एसपी पाटीदार ने किया श्रमदान , जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत गंगा दशहरा के अवसर पर जिला स्तरीय कार्यक्रम का हुआ आयोजित ।

झाबुआ – कलेक्टर भरसट एवं एसपी पाटीदार ने किया श्रमदान , जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत गंगा दशहरा के अवसर पर जिला स्तरीय कार्यक्रम का हुआ आयोजित ।

संपादक नयन टवली की कलम से ✍️

फोटो

झाबुआ – गंगा दशहरा के पावन अवसर पर जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन श्रद्धा , उत्साह एवं जनभागीदारी के साथ किया गया । कार्यक्रम में कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट , पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पाटीदार , जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों , सामाजिक संगठनों, महिलाओं एवं आमजन ने सहभागिता कर जल संरक्षण का संदेश दिया , कार्यक्रम की शुरुआत कलश यात्रा से हुई , जिसमें बड़ी संख्या में मातृशक्ति एवं नागरिकों ने भाग लिया । कलश यात्रा के माध्यम से जल संरक्षण एवं जल स्रोतों के संवर्धन का संदेश दिया गया । इसके पश्चात सूर्य को अर्घ्य एवं महाआरती का आयोजन किया गया । उपस्थित जनसमुदाय ने धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण एवं जल बचाने का संकल्प लिया , मंदिर परिसर में पूजन-अर्चन कार्यक्रम आयोजित किया गया तथा जल स्रोतों की स्वच्छता एवं संरक्षण के लिए विशेष प्रार्थना की गई। इसके बाद आयोजित मंचीय कार्यक्रम में जल संरक्षण , पारंपरिक जल स्रोतों के संवर्धन एवं जनभागीदारी के महत्व पर प्रकाश डाला गया , कलेक्टर ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार 19 मार्च से 21 जून 2026 तक पूरे प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान संचालित किया जा रहा है । गंगा दशहरा के अवसर पर माताएं – बहनें कलश यात्रा निकालकर जल स्रोतों का पूजन कर रही हैं तथा जल स्रोतों की साफ-सफाई एवं श्रमदान जैसी गतिविधियों के माध्यम से जनजागरूकता का संदेश दे रही हैं , उन्होंने कहा कि “जल है तो कल है” का संदेश जन-जन तक पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है । यदि जल संरक्षण के प्रति अभी से गंभीर प्रयास नहीं किए गए तो भविष्य में जल संकट और अधिक गहरा सकता है। भारत की सभ्यता सदियों से नदियों एवं तालाबों के किनारे विकसित हुई है, क्योंकि जल ही जीवन का आधार है , कलेक्टर ने कहा कि सूखी नदियों, नालों एवं अन्य जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है । इसके लिए जल स्रोतों की नियमित साफ-सफाई, संरक्षण एवं वर्षा जल संग्रहण पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज सदैव जल, जंगल और जमीन के संरक्षण का संदेश देता आया है, जिससे प्रेरणा लेकर सभी को प्रकृति संरक्षण के कार्यों में सहभागी बनना चाहिए , उन्होंने बताया कि जिले में विभिन्न विभागों द्वारा तालाबों , बावड़ियों एवं प्राचीन जल स्रोतों के संरक्षण एवं साफ-सफाई का कार्य किया जा रहा है। खेत तालाब निर्माण एवं वर्षा जल हार्वेस्टिंग के माध्यम से भूजल स्तर बढ़ाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं , कलेक्टर ने जानकारी दी कि जिले में लगभग 15 हजार हेडपंप स्थापित हैं , जिनमें से लगभग 2 हजार हेडपंप जलस्तर नीचे जाने से प्रभावित हुए हैं। लगातार मॉनिटरिंग करते हुए लगभग 1800 हेडपंपों में राइजर पाइप डालकर पेयजल व्यवस्था को सुचारु बनाया जा रहा है ।

फोटो 2

कार्यक्रम के अंतर्गत नदी घाट पर श्रमदान एवं साफ-सफाई अभियान भी चलाया गया। उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं नागरिकों ने श्रमदान कर स्वच्छता एवं जल संरक्षण का संदेश दिया । साथ ही सभी को स्वच्छता की शपथ दिलाई गई , जिसमें जल स्रोतों को स्वच्छ एवं संरक्षित रखने का संकल्प लिया गया , जल गंगा संवर्धन अभियान के माध्यम से जिले में जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन एवं जनजागरूकता को बढ़ावा देने हेतु विभिन्न गतिविधियाँ निरंतर आयोजित की जा रही हैं , इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य बाहादुर हटिला , जनप्रतिनिधिगण , मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जितेन्द्र सिंह चौहान , अपर कलेक्टर सी एस सोलंकी , सहायक कलेक्टर आयुषी बंसल , अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अक्षयसिंह मरकाम , अनुविभागीय अधिकारी राजस्व झाबुआ महेश मण्डलोई अन्य अधिकारी कर्मचारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे ।

Releated Posts

झाबुआ – कलेक्टर योगेश भरसट पहुँचे ग्राम उदयपुरिया , ग्रामीणों से किया संवाद , समस्याओं को सुन मौके पर किए निराकरण ।

संपादक नयन टवली की कलम से ✍️ झाबुआ – धरती आबा योजना अंतर्गत संचालित “जन भागीदारी – सबसे…

ByByनयन टवली May 20, 2026

Get 30% off your first purchase

X

You cannot copy content of this page

Scroll to Top