संपादक नयन टवली की कलम से ✍️

झाबुआ – कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने बुधवार को मिंडल स्थित मार्कफेड के उर्वरक गोदाम एवं करडावद सेवा सहकारी समिति के गोदाम का निरीक्षण कर उर्वरकों की उपलब्धता , भंडारण एवं वितरण व्यवस्थाओं की समीक्षा की । निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को खरीफ सीजन में किसानों को पर्याप्त मात्रा में एवं सुचारू रूप से उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए , मार्कफेड गोदाम के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने उपलब्ध उर्वरक स्टॉक , पीओएस (POS) मशीन के माध्यम से वितरण व्यवस्था तथा ई-विकास उर्वरक वितरण प्रणाली के अंतर्गत जारी किए जा रहे ई-टोकनों की जानकारी प्राप्त की । अधिकारियों ने बताया कि जिले में ई-विकास प्रणाली के माध्यम से किसानों को पारदर्शी एवं व्यवस्थित तरीके से उर्वरक वितरण किया जा रहा है तथा ई-टोकन के आधार पर किसानों को खाद उपलब्ध कराया जा रहा है , निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि वर्षा प्रारंभ होने के साथ उर्वरकों की मांग एवं उठाव में वृद्धि होने की संभावना है । वर्तमान में किसान लगातार उर्वरक प्राप्त करने के लिए पहुंच रहे हैं तथा एनपीके उर्वरक का भी अच्छा उठाव हो रहा है। हाल ही में एनपीके उर्वरक की नई रैक प्राप्त हुई है, जिससे पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है ।

कलेक्टर ने किसानों से चर्चा करते हुए उन्हें ई-विकास प्रणाली के अंतर्गत ई-टोकन व्यवस्था की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ई-टोकन बुक होने के बाद किसानों को तत्काल लाइन में लगने की आवश्यकता नहीं है। एक ई-टोकन तीन दिनों तक वैध रहता है , इसलिए किसान अपनी सुविधा अनुसार निर्धारित अवधि में उर्वरक प्राप्त कर सकते हैं । इससे अनावश्यक भीड़ कम होगी और वितरण व्यवस्था अधिक सुचारू रहेगी , करडावद सेवा सहकारी समिति के निरीक्षण के दौरान किसानों ने अतिरिक्त उर्वरक उपलब्ध कराने की मांग रखी । इस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को किसानों की मांग के अनुरूप पर्याप्त उर्वरक उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा आवश्यकतानुसार अतिरिक्त आवंटन प्राप्त करने की कार्यवाही करने के निर्देश दिए , कलेक्टर ने कहा कि खरीफ मौसम में किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उर्वरक वितरण व्यवस्था पर सतत निगरानी रखी जाए तथा किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न होने पाए ।










