संपादक नयन टवली की कलम से ✍️

सिवनी – कलेक्टर नेहा मीना ने आंगनबाड़ी केंद्र सीलादेही का निरीक्षण कर केंद्र में आयोजित ग्राम स्वास्थ्य , स्वच्छता एवं पोषण दिवस की गतिविधियों का अवलोकन किया । उन्होंने केंद्र में गर्भवती एवं धात्री महिलाओं , बच्चों तथा अन्य हितग्राहियों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं की जानकारी ली तथा मौके पर संचालित गतिविधियों की स्थिति का जायजा लिया , कलेक्टर मीना ने गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण की स्थिति का अवलोकन करते हुए उनके स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली। उन्होंने गर्भवती महिलाओं से चर्चा कर उनके खान-पान, नियमित स्वास्थ्य जांच एवं आवश्यक दवाइयों के सेवन के संबंध में जानकारी प्राप्त की । उन्होंने गर्भवती महिलाओं का प्रथम तिमाही में ही एएनसी पंजीयन सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक गर्भवती महिला की चारों एएनसी जांच पूर्ण कराने के निर्देश दिए । उन्होंने मंगलवार एवं शुक्रवार को आयोजित ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस के दौरान गर्भवती महिलाओं को आवश्यक स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी परामर्श नियमित रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए ।

कलेक्टर ने बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण की स्थिति का अवलोकन करते हुए कुपोषित एवं गंभीर कुपोषित (एसएएम) बच्चों की स्थिति की जानकारी ली । उन्होंने एसएएम बच्चों का नियमित एवं प्रभावी फॉलोअप सुनिश्चित करने तथा उनकी स्वास्थ्य एवं पोषण स्थिति में सुधार के लिए आवश्यक उपचार और देखभाल पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए । उन्होंने शिशुओं के घरों में आशा कार्यकर्ताओं द्वारा शत-प्रतिशत गृह भ्रमण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए , ताकि बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण की स्थिति की नियमित निगरानी हो सके , कलेक्टर मीना ने टीकाकरण की स्थिति की समीक्षा करते हुए जिले में यू-विन पोर्टल पर शत-प्रतिशत प्रविष्टियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए । उन्होंने कहा कि सभी टीकाकरण की प्रविष्टियां समय पर दर्ज होने से जिले में टीकाकरण की वास्तविक एवं अद्यतन स्थिति की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जा सकेगी । उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि कोई भी बच्चा एवं महिला आवश्यक टीकाकरण से वंचित न रहे , इस अवसर पर कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के मैदानी अमले से विभागीय गतिविधियों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। उन्होंने दोनों विभागों के मैदानी अमले को आपसी समन्वय से गर्भवती महिलाओं , धात्री माताओं एवं बच्चों को स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी सेवाएं समय पर उपलब्ध कराने तथा हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ।





