संपादक नयन टवली की कलम से ✍️

नरसिंहपुर – कलेक्टर रजनी सिंह ने शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र गोटेगांव एवं ग्राम मुड़िया स्थित आंगनवाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया , कलेक्टर पहले स्वास्थ्य सेवाओं एवं निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की । निरीक्षण के दौरान उन्होंने डीएमएफ मद से चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों बाउंड्रीवॉल, पेवर ब्लॉक, शौचालय एवं टीन शेड निर्माण कार्यों का जायजा लिया , कलेक्टर ने पेवर ब्लॉक की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पाए जाने पर संबंधित अधिकारी को तत्काल उन्हें हटाकर गुणवत्तापूर्ण पेवर ब्लॉक लगाने के निर्देश दिए। साथ ही पूरे स्वास्थ्य केन्द्र परिसर को बाउंड्रीवॉल से पूर्ण रूप से कवर करने के निर्देश भी दिए । निरीक्षण के दौरान कैम्पस के भीतर संचालित एक निजी मेडिकल दुकान को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने उसका लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने स्वास्थ्य केन्द्र परिसर में खुली नालियों की समस्या को देखते हुए नगर पालिका गोटेगांव को उनका स्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए। वहीं शेष बाउंड्रीवॉल निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी को स्टीमेट बनाने को कहा। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने एएनसी वार्ड, दवा वितरण केन्द्र सहित अन्य व्यवस्थाओं का भी अवलोकन कर स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए ।

उसके बाद कलेक्टर ने आंगनवाड़ी केन्द्र एवं शासकीय प्राथमिक शाला का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आंगनवाड़ी केन्द्र में बच्चों को दिए जा रहे पोषण आहार की गुणवत्ता जांचने के लिए स्वयं भोजन चखकर देखा तथा आवश्यक निर्देश दिए , कलेक्टर सिंह के निरीक्षण के दौरान आंगनवाड़ी केन्द्र में दर्ज संख्या 16 के विरुद्ध 13 बच्चे उपस्थित पाए गए । निरीक्षण के दौरान कुपोषण की स्थिति की भी जानकारी ली गई, जिसमें 2 बच्चे गंभीर कुपोषित (सेम) एवं 2 बच्चे मध्यम कुपोषित (मेम) श्रेणी में पाए गए । कलेक्टर ने संबंधित आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को बच्चों के पोषण स्तर में सुधार हेतु विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए , इसके पश्चात कलेक्टर ने शासकीय प्राथमिक शाला मुड़िया का निरीक्षण किया। विद्यालय में दर्ज बच्चों की संख्या 27 के विरुद्ध 20 छात्र उपस्थित पाए गए। कलेक्टर ने बच्चों से शैक्षणिक गतिविधियों के संबंध में बातचीत कर उनकी पढ़ाई के बारे में जाना । साथ ही मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता एवं वितरण व्यवस्था का भी अवलोकन किया । कलेक्टर रजनी सिंह ने अधिकारियों एवं संबंधित कर्मचारियों को निर्देशित किया कि बच्चों की शिक्षा एवं पोषण से जुड़ी व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए ।





