संपादक नयन टवली की कलम से ✍️

झाबुआ – विकासखंड रामा के ग्राम छोटी हीडी में खरपतवारनाशी रसायन के उपयोग से किसानों की मक्का फसल प्रतिकूल रूप से प्रभावित होने के मामले में मेसर्स भंडारी ब्रदर्स , पारा का पौध संरक्षण औषधि विक्रय संबंधी लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है । संबंधित विक्रेता द्वारा ग्राम छोटी हीडी के कृषक बादू पिता सोमला सहित अन्य तीन किसानों को मक्का फसल में खरपतवार नियंत्रण के लिए एनएफएल कंपनी के खरपतवारनाशी एट्राजीन एवं ट्रोप्रामिजोन का विक्रय किया गया था । रसायन के उपयोग के बाद किसानों की मक्का फसल गंभीर रूप से प्रभावित हुई तथा पौधों के जलने एवं मरने जैसी स्थिति निर्मित हुई , मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत रामा विकासखंड के भ्रमण के दौरान कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने ग्राम छोटी हीडी पहुंचकर स्वयं खेतों में उतरकर प्रभावित मक्का फसल का निरीक्षण किया था। किसानों ने कलेक्टर को मौके पर फसल की स्थिति से अवगत कराया। निरीक्षण के दौरान फसल प्रभावित पाए जाने पर कलेक्टर डॉ. भरसट ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच एवं कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। साथ ही मेसर्स भंडारी ब्रदर्स, पारा के कीटनाशी औषधि विक्रय संबंधी लाइसेंस को निलंबित करने के निर्देश दिए गए थे , प्रभावित किसानों द्वारा मामले की शिकायत भी दर्ज कराई गई है । प्रकरण संज्ञान में आने पर किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा कृषि वैज्ञानिकों को शामिल करते हुए जांच दल गठित कर प्रभावित खेतों का निरीक्षण कराया गया । दल की अनुशंसा के आधार पर मेसर्स भंडारी ब्रदर्स , पारा के प्रतिष्ठान से किसानों को बेचे गए एनएफएल कंपनी के एट्राजीन एवं ट्रोप्रामिजोन के नमूने लेकर गुणवत्ता विश्लेषण के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं । निरीक्षण दल में कृषि वैज्ञानिक डॉ. जगदीश मोर्य सहित कृषि विभाग के अधिकारी शामिल थे। प्रयोगशाला से प्राप्त जांच परिणाम के आधार पर प्रकरण में आगामी समुचित कार्रवाई की जाएगी ।
कलेक्टर डॉ. भरसट ने जिले के समस्त कृषि आदान विक्रेताओं को निर्देशित किया कि किसानों को केवल गुणवत्तायुक्त कृषि आदान का ही विक्रय किया जाए। साथ ही रसायनों के उपयोग, निर्धारित मात्रा एवं प्रयोग की विधि के संबंध में किसानों को समुचित परामर्श दिया जाए , जिससे किसानों का कृषि आदान विक्रेताओं पर विश्वास बढ़े और बेहतर फसल उत्पादन सुनिश्चित हो सके , उप संचालक कृषि एस.एस. चौहान ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे प्रतिष्ठित कंपनियों के कृषि रसायनों का ही क्रय करें तथा खरीदी के समय विक्रेता से बिल अनिवार्य रूप से प्राप्त करें । उन्होंने किसानों से बिल में अंकित राशि से अधिक राशि का भुगतान नहीं करने का भी आग्रह किया ।





