संपादक नयन टवली की कलम से ✍️

आलीराजपुर – हिन्दू सम्मेलन समिति वालपुर मण्डल के तत्वावधान में भव्य हिन्दू सम्मेलन का आयोजन अत्यंत उत्साह , श्रद्धा और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। यह सम्मेलन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना , बल्कि सामाजिक एकता , सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रभक्ति का भी सशक्त मंच सिद्ध हुआ , कार्यक्रम की शुरुआत शिव मंदिर प्रांगण से भव्य कलश यात्रा के साथ हुई , कलश यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर निकली , जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु , महिलाएं एवं युवा शामिल हुए , नगर भ्रमण के दौरान वातावरण “हर-हर महादेव” और “भारत माता की जय” के जयघोषों से गुंजायमान हो उठा , इस अवसर पर गुजरात से आए नृत्य दल द्वारा डोल-मान्दल की ताल पर प्रस्तुत की गई पारंपरिक नृत्य प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया और कार्यक्रम को सांस्कृतिक गरिमा प्रदान की , कलश यात्रा के उपरांत भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलन कर सम्मेलन की औपचारिक शुरुआत की गई , सम्मेलन के मुख्य अतिथि परम पूज्य स्वामी निजानंद गिरी महाराज ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में सनातन परंपराओं की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सिर पर पगड़ी , महिलाओं द्वारा मांग भरना और मंगलसूत्र हमारी सनातन संस्कृति और धर्म के अमूल्य प्रतीक हैं , उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आदिवासी समाज मूलतः हिन्दू है और अपनी संस्कृति , परंपरा व पहचान के साथ कभी समझौता नहीं करेगा , “हम बिकने वाले नहीं हैं” जैसे दृढ़ वाक्यों के साथ उन्होंने समाज को जागरूक और संगठित रहने का आह्वान किया , कार्यक्रम में वक्ता दीपिका कनेश ने समाज के “पांच परिवर्तन” विषय पर विस्तार से विचार रखते हुए बताया कि —
स्व का बोध (स्वदेशी)
नागरिक कर्तव्य
पर्यावरण संरक्षण
सामाजिक समरसता
कुटुम्ब प्रबोधन

ये पांचों बिंदु समाज को आत्मनिर्भर , संस्कारित और संगठित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं , इस अवसर पर RSS के जिला प्रचारक अनिल मीणा ने वीर आदिवासी योद्धा राणा पूंजा भील के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आदिवासी समाज सदैव से भगवान श्रीराम का उपासक रहा है , उन्होंने कहा कि RSS निरंतर हिन्दू समाज को संगठित करने और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने का कार्य करता आ रहा है , उन्होंने भावुक शब्दों में कहा—“भारत हमारी माता है , जिसने हमें सब कुछ दिया है , अब हमारा भी कर्तव्य है कि हम देश के लिए कुछ दें , सम्मेलन में सेवा भारती हॉस्टल की बालिकाओं द्वारा धर्मांतरण जैसे संवेदनशील विषय पर प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया , जिसने समाज को जागरूक करने का सशक्त संदेश दिया और दर्शकों को गहन चिंतन के लिए प्रेरित किया , मंच पर वालपुर , खामट , थोड़सिंधी , बेहड़वाb, खुलवट एवं सेमलानी महलगांव ककराना क्षेत्र के पटेल , पुजारा एवं भगत समाज के अनेक गणमान्य नागरिक , सामाजिक कार्यकर्ता एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे , जिससे सम्मेलन की गरिमा और प्रभाव और अधिक बढ़ गया , कार्यक्रम के समापन अवसर पर भारत माता की जय के गगनभेदी नारों के बीच भोजन प्रसादी का शुभारंभ किया गया , जिसमें सम्मेलन में उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर प्रसादी ग्रहण की , यह भव्य हिन्दू सम्मेलन वालपुर मण्डल के इतिहास में एक प्रेरणादायक एवं स्मरणीय आयोजन के रूप में दर्ज हो गया, जिसने समाज में सांस्कृतिक चेतना , संगठन शक्ति और राष्ट्रप्रेम की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया ।





