संपादक नयन टवली की कलम से ✍️


नरसिंहपुर – समर्थन मूल्य पर मूंग उपार्जन के दौरान किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो , इसे लेकर कलेक्टर रजनी सिंह ने बुधवार को करेली एवं तेंदूखेड़ा क्षेत्र का दौरा कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और किसानों की समस्या का मौके पर ही समाधान कराया , करेली के समीप बरखेड़ा स्थित रेवा वेयरहाउस में किसानों की उपज पहुंचने से वहां क्षमता से अधिक दबाव बन गया था। वेयरहाउस के बाहर पिछले कई दिनों से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारें लगी थीं, जिससे किसानों को प्रतीक्षा और असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। स्थिति की जानकारी मिलने पर कलेक्टर रजनी सिंह ने पहले कृषि उपज मंडी करेली पहुंचकर व्यवस्थाओं की समीक्षा की , इसके बाद रेवा वेयरहाउस पहुंचकर किसानों से चर्चा की। किसानों की समस्या को देखते हुए उन्होंने संबंधित समिति की मैपिंग परिवर्तित कर उपार्जन कार्य कृषि उपज मंडी करेली में प्रारंभ कराने के निर्देश दिए , निरीक्षण के दौरान किसानों ने बताया कि खरीदी केंद्रों पर तौल कांटों की संख्या बढ़ाई जाए, जिससे उपज की तुलाई शीघ्र हो सके। किसानों ने स्लॉट बुकिंग की अवधि समाप्त होने संबंधी समस्या भी कलेक्टर के समक्ष रखी । इस पर कलेक्टर ने मंडी सचिव को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने, तौल व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश दिए ।
कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि उपार्जन केंद्रों पर केवल एफएक्यू मानक की मूंग ही खरीदी जाए , कलेक्टर ने किसानों को बताया कि जिन किसानों की 25 प्रतिशत मूंग का उपार्जन हो चुका है , उन्हें शेष 35 प्रतिशत मूंग पूर्व में मैप किए गए निर्धारित उपार्जन केंद्र पर ही लानी होगी। वहीं जिन किसानों की 60 प्रतिशत मूंग का उपार्जन किया जाना है, वे आवश्यकता होने पर अपना उपार्जन केंद्र परिवर्तित करा सकते हैं । इसके लिए संबंधित किसान अपनी समिति के प्रबंधक से संपर्क कर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार केंद्र परिवर्तन की कार्रवाई करा सकते हैं ।





