संपादक नयन टवली की कलम से ✍️

झाबुआ – जिले के मेघनगर औद्योगिक क्षेत्र में फैल रहे जल और वायु प्रदूषण पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है , 8 सितंबर को होने वाले जन आंदोलन से पहले कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट और पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार ने मेघनगर पहुंचकर बैठक की और प्रदूषण फैलाने वाली 4 कंपनियों मध्यभारत इंडस्ट्री , राठौर इंडस्ट्री , सिद्धिविनायक इंडस्ट्री और शीतल इंडस्ट्री को तुरंत सील करने के निर्देश दिए ।


कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट एवं पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पाटीदार ने शनिवार को मेघनगर एवं आसपास के प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया , कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने औद्योगिक इकाइयों से नालों में सीपेज के माध्यम से पहुंच रहे प्रदूषित जल को एकत्र कर उपचारित करने की व्यवस्था का जायजा लिया , कलेक्टर डॉ. भरसट ने AKVN के अधिकारियों को निर्देश दिए कि दोनों कॉमन एफ्लुएंट कलेक्शन सम्प का शेष निर्माण कार्य एवं आवश्यक कनेक्शन आगामी 7 दिवस के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण किए जाएं, ताकि प्रदूषित जल को नालों में जाने से रोककर एकत्रित किया जा सके तथा उसे उपचार के लिए CETP तक पहुंचाया जा सके , उन्होंने कार्य को प्राथमिकता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए , इसके पश्चात कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने झायड़ा क्षेत्र में प्रदूषित जल से प्रभावित नाले का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों से प्रदूषित जल के प्रवाह, उसके स्रोत एवं आसपास के क्षेत्र पर पड़ रहे प्रभाव के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। साथ ही झायड़ा स्थित इंटेक वेल का भी निरीक्षण किया गया , निरीक्षण के दौरान कलेक्टर डॉ. भरसट ने झायड़ा में स्थित हैंडपंप के पानी की स्थिति भी देखी तथा स्वयं पानी पीकर उसकी प्रत्यक्ष रूप से जांच की। हैंडपंप का पानी स्वच्छ पाया गया । उन्होंने संबंधित अधिकारियों को क्षेत्र में पेयजल की गुणवत्ता पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए ।





