झाबुआ – मासूमों की मौत पर प्रशासन का मानवीय चेहरा एसडीएम महेश मंडलोई ने दिखाई तत्परता , पीड़ित परिवारों को 4-4 लाख की त्वरित सहायता ।

प्रधान संपादक नयन टवली की खबर ✍️

झाबुआ – जिले के राणापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम चुई के पटेल फलिया में मंगलवार की शाम एक बेहद हृदयविदारक घटना घटित हुई। यहां एक कुएं में डूबने से तीन मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई । इस अचानक हुए हादसे ने न केवल पीड़ित परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया , बल्कि पूरे गांव और आसपास के इलाकों में शोक की लहर दौड़ा दी। हालांकि, दुख के इस पहाड़ के बीच स्थानीय प्रशासन ने जिस मानवीय दृष्टिकोण और त्वरित संवेदनशीलता का परिचय दिया, उसने पीड़ित परिवारों को एक बड़ा ढांढस बंधाया है , मंगलवार शाम को हुए इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों की पहचान विवेक (पिता महेश राठौड़), मयंक (पिता शैलेश चौहान) और विजय (पिता बाबू चंगोड़) के रूप में हुई है । बच्चों के निधन की खबर मिलते ही गांव में हाहाकार मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था और पूरे गांव में चूल्हे तक नहीं जले ।
एसडीएम की तत्परता बनी मिसाल – आमतौर पर सरकारी मुआवजा या सहायता राशि मिलने में लंबी कागजी प्रक्रियाओं के चलते काफी समय लग जाता है, जो पीड़ित परिवारों की परेशानी को और बढ़ा देता है । लेकिन इस मामले में झाबुआ प्रशासन का रुख बिल्कुल अलग रहा । घटना की गंभीरता और परिजनों के छलकते आंसुओं को देखते हुए एसडीएम महेश मंडलोई ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए राजस्व पुस्तक परिपत्र (आरबीसी) 6-4 के प्रावधानों के तहत तीनों मृत बच्चों के परिजनों के लिए 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत कर दी। विपदा की इस घड़ी में तीनों पीड़ित परिवार के लिए यह त्वरित सरकारी मदद एक बड़े संबल का काम करेगी , एसडीएम महेश मंडलोई द्वारा दिखाई गई इस तत्परता और मानवीय पहल की स्थानीय लोग काफी सराहना कर रहे हैं। प्रशासन के इस कदम ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकार और प्रशासन केवल कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि संकट के समय वे आम जनता के दर्द को साझा करते हुए मजबूती से उनके साथ खड़े हैं ।
पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है प्रशासन एसडीएम मंडलोई :- ग्राम चुई में तीन मासूम बच्चों के डूबने की घटना अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है। दुख की इस कठिन घड़ी में प्रशासन पीड़ित परिवारों के साथ पूरी तरह से खड़ा है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हमने बिना किसी देरी के, तत्काल प्रभाव से आरबीसी 6-4 के तहत तीनों मृत बच्चों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत कर दी है ।



