संपादक नयन टवली की कलम से ✍️

झाबुआ – जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामा में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है , हालात इतने बदतर हैं कि मरीजों के बिस्तरों पर कुत्ते बैठे कर आराम करते नजर आ रहे हैं , जो अस्पताल प्रबंधन और सिस्टम की संवेदनहीनता को उजागर करता है , अस्पताल परिसर में न तो स्टाफ नर्स मौजूद है और न ही डॉक्टर , इमरजेंसी डॉक्टर के चेंबर खुले पड़े हैं, लेकिन मौके पर कोई जिम्मेदार नजर नहीं आता , सवाल यह है कि जब इमरजेंसी डॉक्टर की ड्यूटी निर्धारित है , तो उनकी अनुपस्थिति के लिए कौन जिम्मेदार है?यह और भी गंभीर इसलिए हो जाता है क्योंकि अस्पताल के पास से नेशनल हाईवे 47 गुजरता है , जहां कभी भी सड़क दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में यदि कोई एक्सीडेंट या आपात स्थिति आती है , तो डॉक्टरों की गैरमौजूदगी मरीजों की जान पर भारी पड़ सकती है , गौरतलब है कि इससे पहले भी इस स्वास्थ्य केंद्र से जुड़ी एंबुलेंस सेवाओं को लेकर कई शिकायतें सामने आ चुकी हैं , लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की ।
CMHO बघेल से इस मामले मे ज़ब हमने बात की तो उन्होंने बताया की वीडियो देखने के बाद मे स्वयं वहा निरिक्षण पर गया था , नोटिस जारी करेंगे ।










