संपादक नयन टवली की कलम से ✍️

आलीराजपुर – जनजातीय अंचल के बच्चों के शैक्षणिक उत्थान एवं उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए रतलाम-झाबुआ-आलीराजपुर संसदीय क्षेत्र की लोकप्रिय सांसद श्रीमती अनिता चौहान ने भारत सरकार के केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुएल ओराम जी से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर सांसद श्रीमती अनिता चौहान ने जिला अलीराजपुर के जोबट अनुभाग में जवाहर नवोदय विद्यालय की स्थापना हेतु एक पत्र सौंपते हुए क्षेत्र की शैक्षणिक आवश्यकताओं से अवगत कराया , सांसद श्रीमती अनिता चौहान ने उन्होंने बताया कि अलीराजपुर जिला पूर्णतः जनजातीय बहुल क्षेत्र है, जहाँ प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए जोबट अनुभाग में जवाहर नवोदय विद्यालय की स्थापना से न केवल जनजातीय बच्चों को निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिलेगा, बल्कि क्षेत्र में शिक्षा का स्तर भी सुदृढ़ होगा। इससे ग्रामीण व दूरस्थ अंचलों के मेधावी छात्र-छात्राओं को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का मंच प्राप्त होगा , केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम ने इस प्रस्ताव को गंभीरता से लेते हुए सकारात्मक आश्वासन दिया तथा कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा का विस्तार केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है । उक्त जानकारी मंत्री सांसद हेल्पलाइन के प्रभारी गोविंदा गुप्ता द्वारा दी गई ।
इन विद्यालय खुलने से क्या होंगे लाभ और क्या मिलेगी सुविधा पढ़िए :-
उद्देश्य : ग्रामीण प्रतिभाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना , चाहे उनकी भुगतान क्षमता कुछ भी हो ।
फीस : पहले 3 वर्ष निशुल्क हैं , कक्षा 9 से सामान्य/ओबीसी के लिए लगभग ₹600 प्रति माह शुल्क लागू है ।
प्रवेश प्रक्रिया : कक्षा 6 और 9 में प्रवेश के लिए जेएनवी चयन परीक्षा (JNVST) आयोजित की जाती है ।
सुविधाएं : ये स्कूल 5-30 एकड़ में फैले होते हैं , जिनमें हॉस्टल , खाना , और अन्य बुनियादी सुविधाएं निशुल्क मिलती हैं ।
शिक्षा : ये विद्यालय सीबीएसई पाठ्यक्रम का पालन करते हैं और इनका परीक्षा परिणाम उत्कृष्ट रहता है ।










