संपादक नयन टवली की कलम से ✍️

झाबुआ – जनसुनवाई शासन की एक महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील व्यवस्था है , जिसका उद्देश्य आमजन की वास्तविक समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करना है । ऐसे में यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर असत्य , भ्रामक अथवा निराधार शिकायत प्रस्तुत कर शासन की छवि धूमिल करने का प्रयास करता है , तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी । यह निर्देश कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट द्वारा जारी किए गए हैं , हाल ही में जनसुनवाई के दौरान ग्राम उमरकोट निवासी बद्रीनारायण मारवाड़ी द्वारा शिकायत प्रस्तुत की गई थी कि उनकी पत्नी रमीला का निधन हुए एक वर्ष से अधिक समय व्यतीत हो चुका है , किंतु अब तक उनका मृत्यु प्रमाण-पत्र जारी नहीं किया गया है। संबंधित व्यक्ति द्वारा इस संबंध में मीडिया को भी गलत जानकारी दी गई थी , मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर द्वारा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व झाबुआ से तत्काल विस्तृत जांच कराई गई । जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप पूर्णतः निराधार एवं भ्रामक थे । संबंधित विभागीय अभिलेखों के परीक्षण में पाया गया कि मृतका रमीला का मृत्यु प्रमाण-पत्र सरदारपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र द्वारा पूर्व में ही विधिवत जारी किया जा चुका था । पत्नी की मृत्यु अस्पताल में होने के बावजूद मृत्यु घर पर होना बताते हुए शासन के प्रति गलत एवं भ्रामक तथ्य प्रस्तुत करना जनसुनवाई की गरिमा के प्रतिकूल है , इस प्रकार का व्यवहार जनसुनवाई की मूल भावना के अनुरूप नहीं है । जनसुनवाई आमजन की वास्तविक समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम है । इसमें झूठे तथ्यों को प्रस्तुत कर केवल प्रसिद्धि प्राप्त करने के उद्देश्य से किए जाने वाले कृत्य शासन की छवि धूमिल करते हैं , इसी प्रकार , थांदला में आयोजित जनसुनवाई 26 मई 2026 में संस्था “आजाद विकलांग कल्याण समिति” द्वारा श्री बादरसिंह मुनिया , निवासी ग्राम पंचायत मदरानी , जनपद पंचायत मेघनगर के संबंध में शिकायत प्रस्तुत की गई थी। शिकायत में बताया गया था कि संबंधित हितग्राही की समग्र आईडी मृत दर्ज होने के कारण उन्हें शासन की योजनाओं एवं पेंशन का लाभ प्राप्त नहीं हो रहा है , इस प्रकरण को भी कलेक्टर द्वारा गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच कराई गई । सीईओ जिला पंचायत द्वारा गठित समिति की जांच में पाया गया कि आधार ई-केवाईसी लंबित होने के कारण संबंधित हितग्राही की पेंशन राशि अस्थायी रूप से होल्ड की गई थी, जिसे नियमानुसार निराकृत कर दिया गया है । जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि संबंधित हितग्राही की वास्तविक एवं सक्रिय समग्र आईडी वर्तमान में सक्रिय है। संबंधित हितग्राही को पूर्व में जुलाई 2025 तक पेंशन का भुगतान किया गया था तथा 14 मई 2026 से पुनः पेंशन स्वीकृत कर इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना अंतर्गत नियमित रूप से लाभ प्रदान किया जा रहा है , विभागीय जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि शिकायत में उल्लिखित समग्र आईडी डुप्लीकेट समग्र आईडी थी । हितग्राही की दो समग्र आईडी होने तथा अतिरिक्त आईडी कैसे बनी एवं मृत दर्ज कैसे हुई , इस संबंध में जनपद पंचायत मेघनगर स्तर पर जांच प्रचलित है , संस्था “आजाद विकलांग कल्याण समिति” द्वारा पत्र 29 मई 2026 के माध्यम से विभाग को अवगत कराया गया है कि संबंधित व्यक्ति द्वारा संस्था को डुप्लीकेट आईडी की जानकारी ही दी गई थी , जिससे भ्रम की स्थिति निर्मित हुई । इसके बावजूद शिकायतकर्ता द्वारा शासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए दो वर्षों से मृत घोषित होने संबंधी अधूरी एवं भ्रामक जानकारी मीडिया के समक्ष प्रस्तुत की गई , उपरोक्त दोनों मामलों में जांच उपरांत प्रशासन द्वारा तथ्यों को स्पष्ट किया गया है । भविष्य में इस प्रकार के झूठे एवं भ्रामक तथ्य प्रस्तुत कर शासन की छवि धूमिल करने वालों के विरुद्ध विधि अनुसार कार्यवाही किए जाने के निर्देश प्रशासन द्वारा दिए गए हैं , कलेक्टर ने नागरिकों से अपील की है कि जनसुनवाई आम जनता की समस्याओं के समाधान एवं उनके हितों की रक्षा हेतु शासन की महत्वपूर्ण व्यवस्था है । इसका उपयोग वास्तविक समस्याओं के निराकरण हेतु करें तथा भ्रामक एवं असत्य तथ्यों को बढ़ावा न दें ।










